पड़ाहां के बाशिंदों को नहीं मिल रहा पानी

नैनाटिक्कर -नैनाटिक्कर पंचायत पच्छाद विधानसभा क्षेत्र की एक महत्त्वपूर्ण पंचायतों में से एक है, परंतु यहां के गांवों में विकास तो दूर मूलभूत सुविधाएं भी ग्रामीणों को मुहैया करवाने में सरकारें विफल रही हैं। जी हां हम बात कर रहे हैं शोगी छकड़ोग उठाऊ पेयजल योजना के अंतर्गत आने वाले गांवों पड़ाहां तथा ज्योल की जहां स्वास्थ्य, सड़क तथा अन्य मूलभूत सुविधाएं तो दूर परंतु पीने के पानी के लिए भी इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। गौर हो कि शोगी छकड़ोग उठाऊ पेयजल योजना का उदघाटन 29 जून, 2017 को तत्त्कालीन हिमाचल प्रदेश योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष गंगूराम मुसाफिर द्वारा लगभग 46 लाख रुपए की लागत से किया गया था। इससे पड़ाहां, दभाड़ा, खलांजी, ज्योल इत्यादि गांव में पानी की आपूर्ति की जानी थी, परंतु कैसी विडंबना है कि उद्घाटन के लगभग दो साल बीत जाने के बाद भी पड़ाहां तथा ज्योल गांव में पानी की बूंद तक इस योजना के अंतर्गत नहीं आई है। इन गांवों के ग्रामीणों शिवेंद्र सेवल, यशपाल, इंद्र दत्त, निशा, सुलेखा, हरकेश, प्रवीण, रितु, सौरभ, अंजना इत्यादि का कहना है कि शोगी छकड़ोग उठाऊ पेयजल योजना के अंतर्गत दो-दो बार पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है तथा उद्घाटन भी किया जा चुका है, परंतु उद्घाटन के दो साल बीत जाने के बाद भी पानी की एक बूंद तक नहीं आई है। क्षेत्रवासियों ने फैसला किया है कि अगर पड़ाहां गांव के बाशिंदों को चुनाव से पहले पानी नहीं दिया गया तो चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार तथा विभाग दोनों की होगी। उधर, इस संबंध में आईपीएच विभाग सराहां के सहायक अभियंता पंकज चौधरी ने बताया कि इस गांव में पानी के कनेक्शन दिए गए थे, परंतु पंचायत अथवा लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क निर्माण में पाइप लाइन तोड़ दी गई है। इसकी सूचना न तो पंचायत ने दी तथा न ही लोक निर्माण विभाग ने आईपीएच विभाग को सूचित किया। लोक निर्माण विभाग अथवा पंचायत यदि इन पाइपों की मरम्मत का खर्चा आईपीएच विभाग को देती है तो पाइपों को पुनः जोड़कर पानी की आपूर्ति इस गांव में कर दी जाएगी।

‘दिव्य हिमाचल’ ने पहले भी उठाई थी आवाज

गौर हो कि पहले भी ‘दिव्य हिमाचल’ ने इस विषय पर आवाज उठाई थी, जिसके उपरांत दभाड़ा तथा खलांजी गांव के साथ-साथ पड़ाहां स्कूल तक पाइप लाइन बिछाकर विभाग ने पानी की आपूर्ति सुचारू रूप से की थी, परंतु ज्योल तथा पड़ाहां गांव को विभाग की लापरवाही तथा सुस्त कार्यप्रणाली के चलते अभी भी पानी से महरूम रखा जा रहा है।

You might also like