परवाणू में दो दिन में हटाएं खोखे

परवाणू –हिमुडा ने परवाणू के सेक्टर-एक और सेक्टर-दो में गेब्रियल रोड पर सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर रखे रेहड़ी-खोखा धारकों को नोटिस देकर दो दिन में खोखे हटाने के आदेश दिए हैं। जिससे खोखाधारकों में हड़कंप मचा हुआ है। नोटिस में हिमुडा ने खोखाधारकों को माननीय हाइकोर्ट शिमला के हरिराम बनाम हिमाचल सरकार व अन्य के 2017 में दिए अपने फैसले का हवाला देकर खोखा धारकों को दो दिन में अपने खोखे हटाने के नोटिस थमा दिए है। नोटिस की अनुपालना न होने पर खोखाधारकों के खोखे हटाने की कार्रवाई की जाएगी। हिमुडा ने उक्त जमीन पर अपना मालिकाना हक जताया है और अतिक्रमण कर बनाए खोखों के नीचेे ड्रेनेज के गंदे पानी को बाधित करने सहित खोखाधारकों को खोखों के लिए वेंडिंग जोन के लिए भी जमीन चिन्हित की गई है। लेकिन खोखाधारक नॉन वेंडर जोन में अपना व्यवसाय चला रहे है। जिससे हिमुडा को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उधर नोटिस मिलने पर खोखाधारकों ने भी इस नोटिस पर अपना रोष व्यक्त किया। खोखा धारकों ने कहा कि शहर में खोखों को अभी तक नप द्वारा कहां वेंडिंग जॉन बनाया गया है, इसकी जानकारी नहीं दी गई है। शहर में 300 के लगभग खोखों का वेंडर कमेटी के अंतर्गत सर्वे कर पंजीकरण भी किया गया है। उधर इस बारे जब नप के कार्यकारी अधिकारी सुधीर शर्मा से वेंडिंग जोन के बारे पूछा तो उन्होंने जानकारी दी कि शहर में सेक्टर-एक और दो में वेंडिंग जोन मार्क किए गए हैं। इसके अतिरिक्त छह अन्य जगह भी वेंडिंग जोन के लिए पहचान की गई है। खोखाधारकों के प्रतिनिधियों को भी वेंडिंग जोन में अपने खोखे शिफ्ट करने के लिए पहले से ही कह रखा है। उक्त प्रकरण बारे हिमुडा के अधिशाषी अभियंता राजेश ठाकुर ने सेक्टर-एक और दो में खोखाधारकों को नोटिस देने की पुष्टि की और कहा कि खोखाधारक नॉन वेंडिंग जोन में कार्य कर रहे है, जो उच्च न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन है। कोर्ट के आदेशों की अनुपालना हेतु उक्त खोखों को अब वेंडिंग जोन में ही चलाया जा सकेगा, जिसके लिए जमीन चिन्हित कर आबंटन नप को कर दिया गया है।

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