पहचान छिपाकर करें पुलिस से शिकायत

पुलिस महानिदेशक मरड़ी का खुलासा, विभाग ने तैयार की है ऐप

सोलन —हिमाचल पुलिस ने एक ऐसी ऐप तैयार की है जिसमें सूचना देने वाले का नाम एवं पहचान बिलकुल गुप्त होगा। यहां तक की इसकी जानकारी पुलिस को नहीं मिल सकेगी। यह ऐप बनकर तैयार है। पुलिस विभाग इसे जल्द ही लॉंच करने की तैयारी कर रहा है। इस ऐप को बनाने का एकमात्र उद्देश्य है कि ज्यादा से ज्यादा लोग पुलिस को अपराधियों की सूचना दें और प्रदेश में अपराधों की संख्या में कमी लाई जाए।  पुलिस महानिदेशक सीताराम मरडी ने मंगलवार को सोलन में कहा कि सोलन, शिमला, किन्नौर, सिरमौर एवं बद्दी में बीते एक वर्ष के अपेक्षा क्राइम में काफी कमी आई। उन्होंने कहा कि लोगों की पुलिस के प्रति विश्वसनीयता में भी काफी इजाफा हुआ है।  उन्होंने कहा कि इन पांच जिला पुलिस से काफी बेहतर कार्य किया और अनेकों मामलों में संलिप्त अपराधियों को सलाखों के पीछे धकेला है। सीता राम मरडी ने कहा कि प्रदेश में खासतौर पर नशाखोरों पुलिस ने खासा शिकंजा कसा है। इन जिलों में पुलिस ने एक वर्ष के भीतर 115 किलोग्राम चरस और तीन किलोग्राम हेरोइन बरामद की है।  शिमला में हरियाणा की युवती से जुड़े रेप केस में उन्होंने कहा कि मेडिकल एवं एफएसएल की रिपोर्ट में रेप की कोई पुष्टि नहीं हुई है और अदालत में भी युवती अपने बयानों से मुकर गई है। सीता राम मरडी ने कहा कि पुलिस द्वारा प्रदेश में ई-चालान प्रणाली शुरू की गई है। यह प्रणाली जहां एक ओर हमारी ई-सेवा डिलीवरी को बढ़ाएगी वहीं इससे ऑनलाइन मोड के माध्यम से चालान को कंपाउंड करने के लिए उल्लंघनकर्ताओं को ऑनलाइन भुगतान की सुविधा भी प्रदान होती है तथा नागरिकों को डिजिटल लेन-देन की सुविधा प्राप्त होती है,  जिससे नकदी को कम किया जा सके।

डीएसपी हर माह भेजेंगे सर्टिफिकेट….

पुलिस महानिदेशक ने कहा कि अपराधियों को पकड़ने के लिए पूरे प्रदेश में 28,600 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा गए है।  एसडीपीओ को सीसीटीवी की फिटनेस का हर माह सर्टिफिकेट देना होगा।

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