पहला चुनाव तो जयराम भी हारे थे

अनिल शर्मा बोले; सरकार से डटकर लड़ा उनका बेटा, बनाई अपनी पहचान

मंडी –लोकसभा चुनाव के रण का आज परिणाम निकलना है और मंडी संसदीय सीट पर भाजपा ने बड़ी जीत की उम्मीद लगाई हुई है। वहीं, कांग्रेस प्रत्याशी आश्रय शर्मा के पिता अनिल शर्मा का कहना है कि हार-जीत से कोई फर्क नहीं पड़ता है। उनके बेटे ने मुख्यमंत्री व सरकार से मुकाबला किया है। आश्रय इस लड़ाई में अपनी एक अलग पहचान बनाने में सफल हुआ है और अपना पहला चुनाव तो जयराम ठाकुर भी हार गए थे, जबकि आज वह मुख्यमंत्री हैं। इसलिए पहले चुनाव को हार-जीत के साथ नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि मेरा बेटा आज अपनी अलग पहचान बनाने में कामयाब हुआ है और उसने सरकार के साथ डटकर मुकाबला किया है। अनिल शर्मा ने कहा कि आश्रय शर्मा ने जनता के बीच अपनी एक अलग पहचान बनाई है। आश्रय के विचारों से लोगों काफी  प्रभावित हुई है। आश्रय शर्मा ने लोकसभा जैसा बड़ा चुनाव लड़कर अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की है। अनिल शर्मा ने कहा कि मंडी की लड़ाई एक बड़ी लड़ाई थी। एक तरफ  पूरी सरकार थी और दूसरी तरफ आश्रय। उन्होंने कहा कि एक तरफ  साधन संपन्न भाजपा और सरकार थी, जबकि दूसरी तरफ आश्रय शर्मा और कांग्रेस पार्टी का संगठन था। उन्होंने कहा कि सरकार से लड़ाई लड़ना काफी मुश्किल होता है, लेकिन आश्रय ने कड़ी टक्कर दी और अपनी काबिलियत को दिखा दिया। उसके साथ इस जंग में हजारों युवा जुडे़ हैं। बुजुर्गाें से उसे आशीर्वाद मिला है। हर विधानसभा क्षेत्र में आश्रय शर्मा को लोगों ने गले लगाया है।

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