पहाड़ की सियासत गरमा गए दिल्ली के दिग्गज

हिमाचल को मुझे डांटने का हक

पीएम बोले, चुनाव के बाद मैं ही करूंगा रोहतांग टनल का उद्घाटन

मंडी – लोकसभा चुनावों के मद्देनजर शुक्रवार को मंडी पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश के साथ उनके पुराने रिश्तों व वाक्यों को भी खूब याद किया। प्रधानमंत्री ने सेपू बड़ी, चायवाले से पैराग्लाइडिंग तक के किस्से सुनाए। उन्होंन अपनापन दिखाते हुए कहा कि हिमाचल को मुझे डांटने का हक है। यह हक मैंने हर हिमाचली को दे रखा है और यह हक प्यार का है, लेकिन मेरा भी हिमाचल प्रदेश के चप्पे चप्पे पर अधिकार है। मंडी के पड्डल में भाजपा की विजय संकल्प रैली को संबोधित करते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा कि पुलवामा हमले के बाद हिमाचल में भी लोग गुस्से में थे और मुझे डांट रहे थे कि आप बदला क्यों नहीं ले रहे। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह मोदी कोई ऐसा काम नहीं करेगा, जिससे हिमाचल का सिर झुक जाए। उन्होंने कहा कि रोहतांग टनल का शिलान्यास अटलजी ने किया था और इसका उद्घाटन करने चुनाव के बाद मैं ही आऊंगा। हिमाचल से जुड़ी अपनी पुरानी यादें ताजा करते हुए पैराग्लाइडिंग के प्रशिक्षक रोशन ठाकुर का भी नाम प्रमुखता से लेते हुए उन्होंने कहा कि मुझे हवा में कलाबाजियां उन्होंने ही सिखाईं और उनकी बेटी आंचल ने स्कीइंग में विदेश से पदक जीतकर लाया तो मुझे खुशी हुई। यहां पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। केंद्र ने हिमाचल के पर्यटन को बढ़ावा दे रही है। हम कनेक्टिविटी पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।

यह मरी-मरी आवाज मंडी वालों की नहीं

संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने जब जनता से सवाल-जवाब किए तो धीमी आवाज के साथ उत्तर देने पर नरेंद्र मोदी ने भी चुटकी ली। मोदी ने कहा यह मरी-मरी आवाज मंडी वालों की नहीं है। इसके बाद तो जनता ने भी जोर से उत्तर देकर नेहले पर देहला मार दिया।

मोदी-जयराम मैजिक

मंडी— मोदी लहर ठंडी पड़ चुकी है, यह कहने वालों को मंडी रैली झटका दे गई है। ऐसा इसलिए क्योंकि मोदी की रैली में कुछ बातें शुक्रवार को हटकर हुईं।  लोग नरेंद्र मोदी के लिए चिलचिलाती धूप में भूखे-प्यासे चार से पांच घंटे बैठे रहे। कोई सीट से टस से मस तक नहीं हुआ। गर्मियों की रैलियों में ऐसा कम ही देखने को मिलता है, लेकिन मोदी मैजिक व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का अपना घर होने के कारण शुक्रवार को यह नजारा मंडी में देखने को मिला। कई ऐतिहासिक रैलियों का गवाह बन चुका पड्डल मैदान शुक्रवार को एक बार फिर से बड़ी रैली का गवाह बना। लगभग 35 डिग्री तापमान में चिलचिलाती धूप में हजारों लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण सुनने के लिए हजारों लोग उमडे़ और पड्डल में भाजपा द्वारा बनाया गया पंडाल भी छोटा पड़ गया। यही वजह है कि प्रधानमंत्री की पड्डल रैली अब भाजपा का जोश और बढ़ा गई है।

किसी की भी नहीं सुन रहे मोदी

राहुल गांधी बोले, रामलाल अनुशासित खिलाड़ी की तरह कर रहे रेड

ऊना – कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने रामलाल ठाकुर के इंटरनेशनल कबड्डी खिलाड़ी रहने से अपना संबोधन शुरू करते हुए नरेंद्र मोदी को कबड्डी में ही घेरने का प्रयास किया। इससे पहले राहुल गांधी अपनी रैलियों में मोदी द्वारा आडवाणी को पंच मार रिंग से बाहर फेंकने की बात कह चुके हैं।  इस बार राहुल ने रामलाल ठाकुर के कबड्डी खिलाड़ी होने का हवाला देते हुए कहा कि रामलाल एक अनुशासित खिलाड़ी के रूप में खेल रहे हैं। वह अपने कोच की राय के अनुसार रेड कर रहे हैं, जबकि उनके रेड के दौरान उन्हें पूरी टीम का समर्थन भी हासिल है। दूसरी तरफ नरेंद्र मोदी न तो अपने कोच, न ही टीम की सुन रहे हैं। अब मोदी कांग्रेस के पाले में फंस चुके हैं तथा 15-20 सेकंड तक कबड्डी-कबड्डी करेंगे और आउट हो जाएंगे।

पीएम चौकीदार नहीं होता

राहुल गांधी ने कहा कि पीएम चौकीदार नहीं, जनता की आवाज सुनता है , लेकिन मोदी ने केवल अंबानी, अदानी, चौकसी, माल्या व नीरव मोदी की सुनी। राहुल गांधी ने अपने संबोधन के दौरान चौकीदार …..है के नारे लगवाए। राहुल गांधी ने तीन बार चौकीदार बोला, जिस पर रैली में आए कार्यकर्ताओं ने ….चोर है के नारे लगाए।

वीरभद्र-राहुल की केमिस्ट्री

ऊना – हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशी रामलाल ठाकुर के पक्ष में जनसभा को संबोधित करने पहुंचे कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी कार्यकर्ताओं में नया जोश भर गए। ऊना रैली में राहुल गांधी व वीरभद्र सिंह की नई केमिस्ट्री भी देखने को मिली। दोनों नेता एक-दूसरे का गुणगान करते नजर आए। राहुल ने वीरभद्र सिंह को यहां अपना गुरु व मार्गदर्शक तथा प्रदेश के हितों की आवाज उठाने वाला नेता करार दिया, वहीं वीरभद्र सिंह ने भी राहुल को ऐतिहासिक परिवार का सदस्य बताया, जिसने अपनी सेवा व मेहनत से पार्टी में मुकाम हासिल किया है। इससे पहले राहुल गांधी ने ऊना दौरे में न केवल मोदी पर सीधे हमला बोला, बल्कि हिमाचल प्रदेश के वरिष्ठतम कांग्रेस नेता वीरभद्र सिंह को पूरी तवज्जो व सम्मान देकर वीरभद्र खेमे की गुडविल हासिल करने व इनके कार्यकर्ताओं को मोबलाइज करने में भी कामयाबी हासिल की। राहुल गांधी ने वरिष्ठ नेता के प्रति सम्मान दिखाते हुए वीरभद्र सिंह को खुद पीने के लिए पानी की बोतल ऑफर करने के साथ स्वयं सहारा देकर मंच तक पहुंचाने व वापस कुर्सी पर बिठाने में सहयोग किया।

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