पहेलियां

1.

काला कलूटा मेरा रूप , अच्छी लगती कभी न धूप

दिन ढलने पर में आ जाता , सारे जग पर में छा जाता।

2.

 जो जाकर न वापस आए, जाता भी व नजर न आए

सारे जग में उसकी चर्चा , वह तो अति बलवान कहलाए।

3.

 ओर छोर न मेरा कोई , प्रथम हटे तो समझो काश

अंत कटे मालिक बन जाऊं , मध्य कटे तो आश।

4.

 छिलका न डंठल , सफेद कली होए

खाए सारी दुनिया , कही न पैदा होए।

उत्तरः 1. अंधकार, 2. समय

  1. आकाश, 4 ओला
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