पांचवीं-आठवीं में भी फेल होंगे छात्र!

शिक्षा विभाग ने तैयार किया खाका, शिक्षा मंत्री इसी माह दिल्ली में एमएचआरडी से करेंगे बैठक

शिमला –हिमाचल प्रदेश में पांचवीं व आठवीं में कमजोर बच्चों को फेल करने के मामले पर शिक्षा विभाग ने खाका तैयार कर दिया है। अब शिक्षा मंत्री जल्द इस मामले को लेकर केंद्रीय संसाधन मंत्रालय को रिपोर्ट सौंपेगे। वहीं नो डिटेंशन पॉलिसी में तय किए नियमों में संशोधन करने को लेकर भी बैठक आयोजित की जा सकती है। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा है कि प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार नो डिटेंशन  पॉलिसी को इसी साल से शुरू करने का फैसला ले लिया है। शिक्षा विभाग व राज्य सरकार द्वारा तैयार किए गए नो डिटेंशन पॉलिसी के मामले को कैबिनेट की बैठक में इसी माह मुहर लगाए जाने की भी बात कही जा रही है। नो डिटेंशन पॉलिसी लागू होने के बाद आठवीं कक्षा तक बच्चा अच्छी तरह से नहीं पढ़ता है, तो उसे प्रदेश के स्कूल प्रबंधन फेल कर सकते हैं। केंद्र सरकार द्वारा नो डिटेंशन पॉलिसी को समाप्त करने के बाद अब हिमाचल सरकार ने भी इस नीति को खत्म करने को लेकर नियम फाइनल कर दिए हैं। जानकारी के मुताबिक इस पॉसिली को खत्म करने को लेकर जो रूपरेखा तैयार क ी गई है, उसे अब आचार संहिता के समाप्त होने के बाद कैबिनेट में भी जल्द लाए जाने की योजना है। इससे पहले शिक्षा मंत्री भारत सरकार  से इस मामले पर प्रस्ताव पेश करेंगे। गौर हो कि पिछली बार इसे कैबिनेट में ले जाया गया था, लेकिन इसमें कुछ संशोधन करने के लिए इसे विभाग को वापस लौटाया गया था, लेकिन अब जरूरी संशोधन करने के बाद इस पर मंत्रिमंडल की मुहर लगने की भी उम्मीद है।  उल्लेखनीय है कि शिक्षा विभाग द्वारा पिछले वर्ष करवाए गए सर्वे में भी यह साफ हो चुका है कि वर्तमान में चल रही शिक्षा नीति के तहत कमजोर बच्चों को भी आठवीं तक फेल नहीं करने से शिक्षा गुणवत्ता का स्तर गिर रहा है। रिपोर्ट में भी यह सुझाव दिया गया था कि बच्चों को बेहतर पढ़ाई के लिए उन पर फेल होने का डर होना चाहिए। हालांकि पूर्व सरकार ने भी कमजा़ेर बच्चों को फेल करने और पांचवीं और आठवीं कक्षा को बोर्ड करने के पक्ष में थी, लेकिन तब तक केंद्र सरकार ने इस फैसले पर मुहर नहीं लगाई थी।

दो माह तक परीक्षा पास सकते हैं स्टूडेंट

नई प्रक्रिया के तहत आठवीं में फेल बच्चे को दो माह के भीतर परीक्षा पास करने का गोल्डन चांस दिया जा सकता है। हालांकि दो विषय में फे ल हुए छात्र अनुत्तीर्ण की श्रेणी में लिया जाता है, लेकिन अब इसमें संशोधन किया जा रहा है। ऐसे में आठवीं कक्षा में फेल हुए छात्र को दो माह बाद फिर से पेपर आयोजित करने के लिए गोल्डन चांस दिया जाएगा। यदि फिर भी वह पास नहीं हुआ, तो फिर उसे फेल कर दिया जाएगा।

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