पांवटा के किसानों ने बेची 1.61 करोड़ रुपए की गेहूं

पांवटा साहिब—पांवटा साहिब दून क्षेत्र के किसानों ने इस बार एफसीआई के अनाज मंडी पांवटा मंे स्थापित गेहूं खरीद केंद्र में रिकार्ड 1.61 करोड़ रुपए का गेहूं बेचा है। एफसीआई के पास इस बार कुल 8787 क्विंटल गेहूं पहुंचा जो पिछले वर्ष के मुकाबले 610 क्विंटल अधिक है। किसानों को इस बार गेहूं का प्रति क्विंटल 1840 रुपए दाम मिला, जिस लिहाज से इस बार एफसीआई ने किसानों को 1,61,68,080 रुपए आबंटित किए हैं। जानकारी के मुताबिक गत वर्ष एफसीआई के पांवटा केंद्र पर 8177 क्विंटल गेहूं ही पहुंची थी। इस बार निगम ने गेहूं न आने पर अब मंगलवार से गेहूं खरीद केंद्र बंद कर दिया है। जानकारी के मुताबिक इस बार पांवटा साहिब में गेहूं की बंपर फसल रही, जिस कारण मंडी में गेहूं अधिक मात्रा में पहुंचा है। अमूमन हर साल ज्यादातर गेहूं पड़ोसी राज्य हरियाणा के आढ़ती उठा ले जाते थे, लेकिन इस बार हरियाणा सरकार ने बाहरी राज्यों से गेहूं उठाने को मना किया हुआ था। फिर भी कुछ गेहूं चोरी छिपे पड़ोसी राज्य हरियाणा में भी बेची गई है। पांवटा मंे गेहूं खरीद केंद्र के प्रभारी व गुणवत्ता विशेषज्ञ राजकृष्ण नेगी ने बताया कि निगम के पास इस बार 8787 क्विंटल गेहूं पहुंची है। इस बार गत वर्ष के मुकाबले गेहूं की आमद अधिक हुई है। गत वर्ष एफसीआई के पास किसानों द्वारा लाई गई गेहूं का आंकड़ा 8177 क्विंटल रहा, जबकि इस बार पिछले साल से 610 क्विंटल गेहूं अधिक खरीदी गई है। तीन दिन से गेहूं आनी बंद होने के कारण मंगलवार को केंद्र को बंद कर दिया गया है। सभी किसानों को ऑनलाइन साथ-साथ पेमेंट कर दी गई है। यहां से खरीदी हुई पूरी गेहूं को सिविल सप्लाई कार्पोरेशन एफसीआई से खरीद लेता है जो बाद में सरकारी डिपो के माध्यम से आटा व गेहूं के तौर पर लोगों तक पहुंचती है। गौर हो कि 1998 में एफसीआई ने गेहूं खरीद का नौ हजार क्विंटल का आंकड़ा पार किया था। उसके बाद पिछले साल तक आठ हजार के आंकड़े पर भी खरीद नहीं पहुंच पाई थी, लेकिन करीब 20 साल बाद लगातार दो साल गेहूं खरीद का आठ हजार क्विंटल का आंकड़ा पार हुआ है।

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