पांवटा के गुरुद्वारे में हजारों ने नवाया शीश

पांवटा साहिब-पांवटा साहिब मंे गुरुद्वारा श्री पांवटा साहिब में दो दिवसीय शहीदी दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर मंगलवार की शाम को कीर्तन दरबार सजा, वहीं रात को कवियों ने वीर रस से प्रेरित कविताओं का व्याख्यान किया। बुधवार को गुरुद्वारे में भारी भीड़ दर्ज की गई। हजारों की तादाद मंे पांवटा, प्रदेश व अन्य राज्यों से संगतें यहां पहुंची तथा गुरुद्वारे में शीश नवाकर सुख-समृद्वि व शांति की कामना की। प्रबंधक कमेटी गुरुद्वारा श्री पांवटा साहिब द्वारा गुरुद्वारा साहिब में शहीदों की याद में 21 और 22 मई को शहीदी दिवस मनाया गया। प्रबंधन कमेटी के मैनेजर सरदार जगीर सिंह ने बताया कि 22 मई, 1964 को यहां गुरुद्वारे में 11 निहंग सिखों ने शहादत पाई थी। इस बार 55वें शहीदी दिवस पर मंगलवार को गुरुद्वारा साहिब में कीर्तन व कवि दरबार सजा। इसमें विभिन्न नगरों से कवि भाग लेने पहुंचे। इसके बाद 22 मई बुधवार को भोग के साथ अखंड पाठ का समापन हुआ। कीर्तन दरबार के अलावा ढाड़ी जत्थों ने गुरुओं के इतिहास पर प्रकाश डाला। प्रबंधक ने बताया कि दोनों ही दिन गुरुद्वारे में विशेष लंगर का आयोजन किया गया। इस आयोजन मंे बाहरी राज्यों से भी हजारों की तादात में संगत पहुंची तथा उन्होंने प्रसाद ग्रहण किया। भारी गर्मी को देखते हुए सिख नौजवान सेवा जत्थे ने गुरुद्वारा साहिब के बाहर छबील लगाकर संगत को मीठा पानी पिलाने की सेवा भी की।

 

 

 

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