पांवटा में आगजनी के मामलों ने बढ़ाई फायर ब्रिगेड की दिक्कतें

पांवटा साहिब—पिछले करीब 15 दिनों से पांवटा साहिब मंे आग ने अपना तांडव मचाया हुआ है। दिन-प्रतिदिन आगजनी के बढ़ते मामलों ने फायर ब्रिगेड की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। मात्र दो अग्निशमन वाहनों के सहारे पांवटा की सुरक्षा कर रहे फायर कर्मी भी दिक्कतों मंे हैं। शुक्रवार की ही बात करें तो पांवटा मंे विभिन्न स्थानों पर आगजनी के करीब 10 छोटे-बड़े मामले सामने आए। एक मामले को निपटाकर जैसे ही कर्मी फायर स्टेशन पहुंचते तो दूसरा मामला सामने आ जाता। इसी तरह पूरा दिन कर्मियों की भागदौड़  लगी रही। देर शाम को भी जब मानपुर देवड़ा में आगजनी का बड़ा मामला सामने आया तो उस समय भी फायर स्टेशन की दोनों गाडि़यां अन्य मामलों मंे आग बुझाने गई थीं। लोग फायर स्टेशन फोन कर रहे थे, लेकिन फायर स्टेशन के कर्मी और गाडि़यां अन्य स्थानों पर आग बुझाने निकली हुई थीं। ऐसे मंे दिक्कतें ओर बढ़ गई और मानपुर देवड़ा पहुंचते-पहुंचते बड़ी गाडि़यों के एक से डेढ़ घंटा लग गया। शुक्रवार को आए आधा दर्जन से अधिक मामलों में मुख्य तौर पर वैलीवाला धौलाकुआं में सरकारी जंगल में आग का मामला हुआ, जिसमें साल के छोटे पेड़-पौधे भी जल गए। मौके पर पहुंचकर फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया, जिससे यहां पर 10 हजार रुपए का नुकसान हुआ। इसके बाद टोका नगला मंे ज्ञान चंद के भूसे के ढेर मंे आग लग गई, जिसमें करीब 35 क्विंटल भूसा राख हो गया, जिससे करीब 18 हजार रुपए का नुकसान हुआ। पातलियों मंे गुलजारी लाल के गोबर के ढेर में आग लगने से गोबर सहित पेड़-पौधे इसकी चपेट मंे आ गए, जिससे करीब पांच हजार रुपए का नुकसान हुआ। इसके अलावा नवादा और भगवानपुर सहित अन्य दो-तीन स्थानों पर भी आगजनी की छोटी घटनाएं सामने आई। इनमंे कुल 50 हजार रुपए तक का नुकसान हुआ है। अब सुविधाओं और स्टाफ की कमी से जूझ रहा पांवटा फायर स्टेशन आगजनी के मामलों पर कितना काबू पाएगा इसका अंदाजा खुद ही लगाया जा सकता है। वहीं पांवटा फायर स्टेशन के फायर अधिकारी प्रेम चौधरी ने बताया कि विभाग के कर्मी 48 घंटे ड्यूटी कर आगजनी के मामलों पर काबू पाने का भरसक प्रयास कर रहे हैं। कर्मियों ने पिछले 15 दिनों में करोड़ों की संपत्ति आग से बचाई है।

You might also like