पाकिस्तान की बढ़ती दिक्कतें

 राजेश कुमार चौहान

आजकल पाकिस्तानी आर्थिक व्यवस्था के नाजुक दौर में पहुंचने और वहां रोजमर्रा के प्रयोग की वस्तुओं के दाम आसमान छूने की खबरें अंतरराष्ट्रीय मीडिया में सुर्खियां बनी हुई हैं। बुराई का अंत एक दिन बुरा जरूर होता है। पाकिस्तान आतंकवाद को पालने में लगा रहा, इस कारण आज पाकिस्तान आर्थिक मंदी की चपेट में भी आ गया। पाकिस्तान के कट्टरपंथियों, सेना और सत्ताधारियों ने शुरू से ही अपने देश के विकास की तरफ ध्यान दिया होता, तो आज यह पिछड़ा, गरीब देश न होता। इसने दूसरे देशों से मिली मदद का प्रयोग भी आतंकवाद को पालने के लिए ही किया। कहते हैं न कि घटिया सोच और पैर की मोच, किसी को आगे नहीं बढ़ने देती। पाकिस्तान के कट्टरपंथियों की संकीर्ण मानसिकता का ही नतीजा है कि आज पाकिस्तान एक पिछड़ा और गरीब देश माना जाता है। अंत में यह भी कहना उचित होगा कि भारत-पाकिस्तान के रिश्ते तब तक मधुर नहीं हो सकते, जब तक नापाक पाकिस्तान के कट्टरपंथी भारत के प्रति अपनी नफरत, द्वेष और वैर-विरोध की सोच नहीं बदलते।

 

 

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