पालमपुर की फिजाओं में संगीत की महक

पहाड़ी गानों पर झूमा पंडाल

पालमपुर—हिमाचल की आवाज-2019 के ऑडिशन  में प्रतिभागियों की गायन कला का ऐसा जादू चला कि हर कोई इनके हुनर का मुरीद हो गया।  केएलबी डीएवी कन्या महाविद्यालय के हाल में जूनियर ग्रुप  में  पंचरुखी की यशस्वी  ने  ‘तू कितनी अच्छी है, तू कितनी भोली है ’ की प्रस्तुति देकर जहां निर्णायक मंडल का मन मोह लिया  वहीं, तालियों की गड़गड़ाहट से हाल गूंज उठा। इसी तरह कविता की पेशकश  ‘कान्हा आन पड़ी तेरे द्वार’ की  श्रोताओं द्वारा खूब  सराहना की गई। अंश अवस्थी ने ‘नच मेरी घुंघरीए’ पहाड़ी तान पर नगमा छेड़ कर खूब वाहवाही लूटी। निहारिका की प्रस्तुति ‘लग जा गले’ ने खूब तालियां बटोरीं। 70 वर्ष की वीके शारदा ने भी मंच पर देश प्रेम गीत के साथ पहाड़ी गीत भी सुनाए। नीतू ने लता मंगेशकर के गीत ‘मिलती है जिंदगी में मोहब्बत कभी कभी’ को सुर देकर अपनी गायन कला को दर्शाया। अखिल ने  ‘चंबे  जाई बस्सया’  सुनाकर  निर्णायक मंडल को प्रभावित करने की कोशिश की। इसी तरह नेहा ने ‘तेरे मासूम सवालों से परेशान हूं ’ की दमदार प्रस्तुति देकर खूब तालियां बटोरीं ।  जयसिंहपुर की सोनू ने ‘ऊंची ऊंची रिडियां ’  पहाड़ी गीत पेश किया। सविता ने ‘लग जा गले’,  दीक्षा ने धड़कने बेतहाशा तड़पने लगी की दमदार प्रस्तुति दी।  मनोज  ने पहाड़ी गीत   ‘अम्मा पुछदी’ सांग पर दमदार प्रस्तुति दी। राजकुमार पटियाल ने रंग और नूर की बारात  किसे पेश करूं, कुनाल ने ‘तू कितनी अच्छी है’, अक्षय ने ‘मस्त-मस्त तेरे दो नयन’ सुलोचना देवी  ने  ‘जब याद आए बहुत याद आए ‘ नितिन ने ‘धुडू नचाया’,  राहुल ने तेरे बिन नहीं लगदा जी  पेश करके अपने अंदर छिपे कलाकार को उजागर किया। पालमपुर के ऑडिशन में कुल 63 प्रतिभागियों ने अपनी किस्मत को आजमाया, जिसमें  से एक से एक बढ़कर प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों को देख कर निर्णायक मंडल भी हैरान रह गया। 

 

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