पेड़ काटने के बचाव में आगे आए शिक्षक

चंडीगढ़ -शिक्षकों के संगठन पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स ऐसोसिएशन (पूटा) ने विश्वविद्यालय परिसर में सौंदर्यीकरण के नाम पर पेड़ों के इर्दगिर्द कंकरीटीकरण का विरोध किया है। पूटा अध्यक्ष राजेश गिल ने कुलपति को रविवार को लिखे एक पत्र में कहा है कि विश्वविद्यालय को धरोहर का दर्जा प्राप्त है और इसका वास्तु और हरियाली परिसर को अनूठा बनाते हैं और पुराने विशाल पेड़ छात्रों, कर्मचारियों व आम लोगों को भी भीषण गर्मी में ठंडी छाया देते हैं। पत्र के अनुसार पेड़ों को सांस लेने, बढ़ने और फलने-फूलने के लिए काफी जगह लगती है, लेकिन हाल में इन पेड़ों के इर्दगिर्द कंकरीटीकरण किया जा रहा है, जो पेड़ों की धीमी मौत का कारण बन सकता है।  पत्र के अनुसार यह कदम पूरी तरह अनुचित तो है ही चौंकाने वाला इसलिए है कि विश्वविद्यालय का वनस्पति विज्ञान विभाग है और वह पर्यावरण विज्ञान पाठ्यक्रम चलाते हैं, जिसका उद्देश्य प्रकृति व पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता को बढ़ावा देना है। सौंदर्यीकरण के नाम पर किये जा रहे खर्च पर भी सवाल उठाया गया है कि जब विश्वविद्यालय अपना अस्तित्व बचाने के लिए राजस्व की कमी का सामना कर रहा हो, तो क्या ऐसे में ऐसी विनाशकारी गतिविधियों पर निधि का दुरुपयोग किया जा सकता है। पत्र में कहा गया है कि यह मुद्दा उठाकर वह शिक्षक के रूप में अपनी जिम्मेदारी ही निभा रहे हैं, जो छात्रों को पर्यावरण प्रेमी व प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाना है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से निर्माण कार्य तुरंत रोकने का अनुरोध किया है।

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