पेयजल भंडारण टैंकों में लगेंगे सेंसर

शिमला—जल प्रबंधन निगम पर्याप्त जल भंडारण टैंकों में सेंसर लगाने जा रहा है। पेयजल भंडारण टैंकों में सेंसर लगाने का कार्य शुरू हो गया है। शुरूआत में पांच भंडारण टैंकों में सेंसर लगा दिए हैं।  जबकि शेष 42 टैंकों में भी जल्द सेंसर स्थापित कर दिए जाएंगे।  यह सारा कार्य 15 दिन के भीतर पूरा करने की कवायद है। बता दें कि जल प्रबंधन निगम ने पेयजल भंडारण टैंकों में यह व्यवस्था जलापूर्ति की मॉनिटरिंग के लिए शुरू की है। सेंसर के माध्यम से यह आसानी से पता चलेगा कि टैंक में कितना पानी है और परियोजनाओं से टैंक में कितना पानी पहुंचा है। वहीं शहर को सप्लाई देने के बाद भंडारण टैंक में कितना पेयजल बचा है। इसकी सारी जानकारी आसानी से निगम को उपलब्ध हो जाएगी। जल प्रबंधन निगम ने शहर के उपनगर संजौली में पेयजल भंडारण टैंकों की मॉनिटरिंग के लिए कंट्रोल रूम भी स्थापित कर दिया है। यहां पर इन सेंसरों के माध्यम से सभी टैंकों का डाटा बैंक तैयार होगा। इसके बाद आसानी से यह पता चल पाएगा कि कौन से टैंक में कितना पानी अंदर आया व बाहर गया है। इसके अलावा भंडारण टैंकों में सप्लाई देने के बाद कितना पानी शेष रहता है। इसका भी पूरा डाटा इस में रिकॉर्ड होगा। उल्लेखनीय है कि सेंसर स्थापित होने के बाद राजधानी शिमला में लोगों को पेश आ रही पेयजल दिक्कतों से भी निजात मिलेगी। इन सेंसरों के माध्यम से निगम के पास पूरा रिकॉर्ड होगा कि किस भंडारण टैंक में पानी की कमी चल रही है। वहीं परियोजनाओं से रोजाना मिलने वाले पानी का भी पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध होगा। जिन भंडारण टैंकों में पानी की कमी होगी, उसे समय रहते पूरा किया जा सकता है।

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