पैब में उठेगा हैल्थ केयर सब्जेक्ट का मामला

बैठक में विषय शुरू करने की उठेगी मांग, 50 टीचर हुए हैं बेरोजगार

शिमला – हिमाचल के सरकारी स्कूलों में बीच सत्र में हैल्थ केयर सब्जेक्ट बंद होने का मामला अब पैब की बैठक में उठाया जाएगा। हिमाचल समग्र शिक्षा अभियान सरकारी स्कूल में हैल्थ केयर विषय को शुरू करने की मांग करेंगे। वहीं भारत सरकार के सामने इस विषय के बंद होने की वजह से शिक्षकों व छात्रों को जो नुकसान हुआ है, इस बारे में भी केंद्र को अवगत करवाएंगे। व्यावसायिक हैल्थ केयर कोर्स बंद होने से लगभग 50 वोकेशनल ट्रेनर बेरोजगार हो गए हैं। मानव संसाधन मंत्रालय के निर्देशों पर नौवीं और दसवीं कक्षा में हैल्थ केयर कोर्स बंद किया गया है। प्रदेश में जहां वोकेशनल टे्रनर सरप्लस हैं, वहां हैल्थ केयर के शिक्षकों को निकाल दिया गया है। सरकार ने स्कूलों में वोकेशनल ट्रेनर की सेवाओं को निकालने के निर्देश जारी नहीं किए थे, लेकिन प्रदेश के सरकारी स्कूलों में हुई पहले से अधिक संख्या में वोकेशनल ट्रेनरों की भर्ती और अब नौवीें व दसवीं कक्षा में कोर्स बंद होने के वोकेशनल ट्रेनर्ज को अडजेस्ट करने के लिए विभाग के पास कोई स्कूल नहीं थे। प्रदेश के 873 से अधिक सरकारी स्कूलों में 11 ट्रेड में वोकेशनल कोर्स पढ़ाए जा रहे हैं।  वोकेशनल ट्रेनर्ज को अब आठ मई को दिल्ली में होने जा रही पैब की बैठक से उम्मीद है। राज्य परियोजना निदेशालय के निदेशक आशीष कोहली ने बताया कि एमएचआरडी के निर्देशों पर व्यावसायिक हैल्थ केयर कोर्स नौवीं और दसवीं कक्षा में बंद किया गया है। इस कारण सरप्लस ट्रेनरों को बाहर निकालना पड़ा है। निदेशक ने बताया कि इस कोर्स को पुनः शुरू की अनुमति मिलती है, तो निकाले शिक्षकों की सेवाएं बहाल कर दी जाएंगी।

छह साल से पढ़ा रहे वोकेशनल ट्रेनर

हैल्थ केयर कोर्स को शुरू करने के लिए भारत सरकार अगर अनुमति देती है, तो इसी शर्त पर निकाले गए वोकेशनल शिक्षकों को अंदर किया जाएगा। हालांकि प्रदेश समग्र शिक्षा अभियान निदेशालय ने इस बारे में शिक्षकों को अधिसूचना भेज दी है। बता दें कि वोकेशनल टे्रनर लगभग छह वर्षों से भी ज्यादा समय से स्कूलों में पढ़ा रहे थे।

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