पैसे तो दिए, पर नहीं लगी सोलर फेंसिंग

जवाली में कंपनी ने एक साल से नहीं की बाड़बंदी, काम न होने से किसान परेशान

धर्मशाला – प्रदेश के जिला कांगड़ा में सोलर फेंसिंग के नाम पर किसानों से ठगी का मामला सामने आया है। प्रदेश में सरकार किसान-बागबानों की फसल को बेसहारा पशुओं और जंगली जानवरों से बचाने के लिए सबसिडी पर योजनाएं जमीनी स्तर पर पहुंचाने का प्रयास कर रही है, वहीं निजी कंपनियां मनमर्जी से  किसानों से ठगी कर पैसे ऐंठ रही हैं। यह प्रदेश में पहला मामला नहीं हैं, इससे पूर्व भी इस तरह की ठगी के मामले सरकार व विभाग के समझ आ चुके हैं। प्रदेश के सबसे बड़े जिला कांगड़ा के जवाली तहसील का मामला सामने आया है, जिसमें भाली क्षेत्र के चननी गांव की निवासी कमलेश कुमारी से सोलर फेंसिंग लगाने वाली निजी कंपनी ने वर्ष 2018 में पैसे ऐंठ लिए हैं और अब उनकी जमीन पर फेंसिंग नहीं लगा रहे हैं। उक्त किसान परिवार ने करीब दो लाख रुपए का खर्च कर अपनी 25 कनाल भूमि में आम, खरबूजा, नींबू और अनार के पौधे रोपे थे, लेकिन फेंसिंग न लगने के कारण बेसहारा पशुओं और जंगली जानवरों ने करीब 50 फीसदी पौधों का नामोनिशान नहीं छोड़ा है। कंपनी के नुमाइंदे पिछले एक साल से उक्त किसान परिवार को झूठ बोलकर अपना समय व्यतीत कर रहे हैं। इतना ही नहीं, जानकारी के अनुसार इसी गांव के एक और किसान से भी कंपनी के कर्मचारियों ने करीब 75 हजार की रकम ऐंठ ली है और उक्त किसान को भी सोलर फेंसिंग लगाने की बात कही है। कमलेश कुमारी के परिवार ने कंपनी को 25 मई, 2018 को चेक के माध्यम से पेमेंट की थी, लेकिन कंपनी ने चेक को लौटाकर कैश प्राप्त किया। कंपनी ने मात्र 10 प्रतिशत कार्य जमीन पर किया और पिछले एक साल से गायब है। उक्त किसान परिवार का कहना है कि सरकार की स्कीम के  चलते बंजर पड़ी भूमि में फलदार पौधे लगाए, लेकिन एक साल में सोलर फेंसिंग न लगने के कारण लाखों रुपए का नुकसान जानवरों ने कर दिया है।

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