प्रदूषण से बिगड़ी सेहत, मांगा हर्जाना

फ्रांस की कोर्ट में सेहत बिगड़ने पर मां-बेटी ने कोर्ट में केस कर दिया। वायु प्रदूषण के कारण सेहत बिगड़ने का दावा करने वाली मां-बेटी की याचिका पर कोर्ट ने सुनवाई शुरू कर दी है। पेरिस के पूर्व में स्थित मॉन्ट्रियल की प्रशासनिक अदालत में याचिका दायर कर सरकार से 1.60 लाख यूरो (करीब 1.25 करोड़ रुपए) का हर्जाना मांगा है। फ्रांस में जलवायु परिवर्तन का मुद्दा पिछले कुछ वक्त से काफी हावी रहा है। याचिकाकर्ता का कहना है कि वायु प्रदूषण और इसके कारण होने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए प्रशासन ने पर्याप्त कदम नहीं उठाए। याचिका में उल्लेख किया गया है कि दिसंबर, 2016 में खास तौर पर प्रदूषण का स्तर उच्चतम था और इससे निपटने के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए। बता दें कि इस वक्त पूरे यूरोप और कई अन्य देशों में भी जलवायु परिवर्तन गंभीर मुद्दा बना हुआ है। मां-बेटी ने अपनी याचिका में दावा किया है कि प्रदूषण के कारण उनके स्वास्थ्य पर काफी बुरा प्रभाव पड़ा। याचिकाकर्ता जोड़ी का कहना है कि वे लोग पेरिस के बाहरी हिस्स सब-अर्ब में रहते हैं, जहां प्रदूषण का स्तर और भी खतरनाक था। रिंग रोड से जुड़े होने के कारण हर रोज उस इलाके से दस लाख से अधिक वाहनों का परिचालन होता है। इतनी अधिक मात्रा में गाडि़यों के परिचालन के कारण इलाके में रहने वाले एक लाख से अधिक लोगों के लिए बुरे सपने की तरह है। बता दें कि फ्रांस में साल 2016 दिसंबर में प्रदूषण रिकार्ड स्तर पर पहुंच गया था और यह पिछले एक दशक में सर्वाधिक था। प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए सरकार की तरफ से कई कदम उठाए गए। हवा की गुणवत्ता को ठीक करने के लिए एक दिन ऑड और एक दिन ईवन नंबर प्लेट की गाडि़यां चलाई गईं।

बीमारी के कारण बदलना पड़ा शहर

मां-बेटी दोनों को प्रदूषण के कारण सांस लेने संबंधी परेशानी से गुजरना पड़ रहा है। याचिका में कहा गया है है कि 52 साल की मां को प्रदूषण के रिकार्ड स्तर पर पहुंचने के दौरान सांस लेने संबंधी बीमारी हो गई। महिला की 16 साल की बच्ची को भी प्रदूषण की वजह से अस्थमा की समस्या हो गई है। दोनों ने अपनी याचिका में तर्क दिया कि खराब सेहत को देखते हुए डाक्टर ने उन्हें शहर बदलने की सलाह दी। शहर बदलने के बाद से उनकी सेहत में अपेक्षाकृत सुधार हुआ है।

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