प्रार्थी कलाकेंद्र में ठहाकों की गूंज

कुल्लू—ऐक्टिव मोनाल कल्चरल एसोसिएशन द्वारा भाषा एवं संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्त्वावधान में आयोजित दो दिवसीय बाल नाट्योत्सव के पहले दिन लाल चंद प्रार्थी कलाकेंद्र में प्रतिभागी बच्चों ने अपने अभिनय से उपस्थित दर्शकों को खूब हंसाया। पहले दिन पांच लघु नाटकों की प्रस्तुति दी गई। इसमें सर्वप्रथम राजकीय प्राथमिक पाठशाला बदाह-दो के बच्चों ने श्रीकृष्ण द्वारा लिखित और जीवानंद द्वारा निर्देशित हास्य नाटक ‘हिरण्य कश्यप मर्डर केस’ का मंचन किया। इस नाटक में भगवान विष्णु को हिरण्य कश्यप मर्डर केस में धरती की अदालत में पकड़ कर पेश किया जाता है और नारद बतौर भगवान का वकील पैरवी करते हैं, तो बहुत सी हास्य व्यंग्यात्मक परिस्थितियां सामने आती हैं। दूसरा नाटक राजकीय प्राथमिक पाठशाला व्यूंस बाई, जमोट भुंतर का सुशील कुमार सिंह द्वारा लिखित व रेवत राम विक्की निर्देशित ‘वैसे तो सब खैर कुशल है’ रहा। तीसरा नाटक आर्य आदर्श स्कूल अखाड़ा बाजार ने ‘ढाक के तीन पात’ प्रस्तुत किया। राम किशोर मेहता द्वारा लिखित स्वर्ग के देवताओं की जनकल्याण की मीटिंग को दिखाते इस नाटक में देवताओं की मीटिंग में भी कोई हल नहीं निकलता और अंततः वे भी उसी पुराने ढर्रे पर चलते हैं। चौथा नाटक सुल्तानपुर स्कूल की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत ‘यमराज का निमंत्रण’ रहा। नर्मदा प्रसाद खरे द्वारा लिखा यह नाटक ऐसे राजा को दिखाता है, जिसे लगता है कि सब लोग उसे बहुत प्यार करते हैं, जबकि अचानक एक यमदूत आकर उसकी यह गलत फहमी दूर कर देता है। वह उसे कुछ समय देता है कि वह मर कर भी देख सकता है कि उसके अपने उसके बारे में क्या राय रखते हैं। राजा देखता है कि सभी उसके मरते ही अपना-अपना फायदा लेने की कोशिश करते हैं। पांचवां नाटक मिडल स्कूल गांधीनगर का ‘सेर को सवा सेर’ रहा। नाटक में एक कंजूस सेठ को गांव के लोग एक पंडित के साथ मिलकर कंजूसी करने की सजा दिलाते हंैं।

You might also like