प्रियंका की अपील से गरमाई सियासत

कांग्रेस प्रत्याशी आश्रय के पक्ष में संदेश के बहाने खूब वाहवाही लूट गई राष्ट्रीय महासचिव

शिमला – प्रियंका गांधी कांग्रेस की प्रमुख स्टार प्रचारक हैं। पार्टी में राष्ट्रीय महासचिव का औहदा भी है। ऐसे में जिम्मेदारी कांग्रेस को सत्ता में लाने की है और उसके लिए जरूरी है कि हरेक सीट पर जमकर प्रचार होता और हरेक प्रत्याशी के लिए वोट की अपील होती। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एक जगह सुरक्षा कारणों से नहीं पहुंच पाई, तो दूसरी जगह मौसम की बेरुखी ने खलल डाला। ऐसे में जनता को सोशल मीडिया से ही संदेश दे दिया और कांग्रेस के पक्ष में वोट की अपील की। बता दें कि मंगलवार देर शाम प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया पर पार्टी की ओर से संदेश दिया कि वह मंडी आना चाहती थीं, वहां के लोगों के बीच पहुंचना चाहती थीं, उनकी बेहद इच्छा थी, लेकिन मौसम ने इसमें रुकावट डाल दी। वह यहां के लोगों से चाहती हैं कि मंडी में उनके प्रत्याशी को वोट करें और उनका साथ दें। एक तरफ तो उनके संदेश से उन्होंनें खूब वाहवाही लूट ली। वहीं, दूसरी तरफ इस बात पर सियासत गरमा गई कि संदेश में उन्होंने खासतौर पर मंडी के प्रत्याशी की बात की है और नाम भी लिया है, लेकिन वह भूल गईं कि वह कांग्रेस की स्टार प्रचारक हैं और हिमाचल में लोकसभा की चार सीटें हैं। एक प्रत्याशी के लिए तो प्रियंका गांधी अपील कर रही हैं, परंतु शेष तीन प्रत्याशियों या फिर कांग्रेस को केंद्र में सत्ता में लाने के लिए उन्होंने जनता से समर्थन नहीं मांगा। इस पर कांग्रेस के भीतर ही बड़ी चर्चा हो रही है। नेताओं का कहना है कि यदि किन्हीं कारणों से प्रियंका गांधी यहां नहीं पहुंच पाई थीं, तो केवल एक ही प्रत्याशी को समर्थन मांगना सही नहीं है, जबकि तीन और प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। केंद्र में सत्ता में आने के लिए एक-एक सीट जरूरी है, ऐसे में कांग्रेस की स्टार प्रचारक ने दूसरे प्रत्याशियों के प्रति ऐसी बेरुखी क्यों दिखाई। उन्हें सलाह देने वालों तक ने यह नहीं समझा कि प्रियंका गांधी पूरे देश में कांग्रेस के लिए प्रचार कर रही हैं। इसलिए यहां भी उनका संदेश पूरे प्रदेश के लिए होना चाहिए था।

अब तो शिमला की निवासी हैं

खास बात यह भी है कि प्रियंका गांधी अब शिमला की ही निवासी बन चुकी हैं, जिन्होंने यहां छराबड़ा में अपना नया आशियाना बनाया है। इस लिहाज से भी उन्हें प्रदेश के लिए अलग रूझान दिखाना चाहिए था, लेकिन यहां कांग्रेस के तीन प्रत्याशियों की उम्मीदें धरी की धरी रह गईं। अभी तक प्रदेश में अकेले वीरभद्र के दम पर ही कांग्रेस ने प्रचार अभियान पहुंचाया है, जो 85 की उम्र में भी यहां की जनता के बीच पहुंच रहे हैं।

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