प्री-नर्सरी के लिए 75 तरह की विषय सामग्री

 शिमला-प्रदेश के सरकारी स्कूलों में प्री-नर्सरी के नौनिहालों को स्टडी मैटीरियल पहुंच गया है। प्री-नर्सरी व केजी के बच्चों को रौचक तरीके से पढ़ाने के लिए 75 तरह की विषय सामग्री आबंटित की जाएगी, जिसमें वर्कशीट, स्टोरी कार्ड्स, मसल्स कार्ड्स, क्लर बॉक्स, पिक्टोरियल मैटीरियल आदि सामग्री को स्कूलों में इसी सप्ताह से उपलब्ध करवाना शुरू कर दिया जाएगा। यह सामग्री केवल तीन व चार वर्ष से अधिक आयु के बच्चों के लिए तैयार की गई है। इस सामग्री से बच्चों को खेल -खेल में पढ़ाया जाएगा, ताकि उनकी रुचि विकसित हो और विषय आसानी से समझ में आए। समग्र शिक्षा अभियान ने किताबें स्कूलों में देने के साथ ही ये भी आदेश स्कूलों को जारी किए हैं कि वे नौनिहालों को स्ट्रेस फ्री होकर खेल-खेल में पढ़ाएं। इसके अतिरिक्त शिक्षकों के लिए भी 40 वर्कशीट तैयार की गई हैं। नौनिहालों को इन विषय सामग्री से कैसे पढ़ाना है, इसके लिए शिक्षकों के लिए बाकायदा कार्यशाला भी आयोजित की जाएगी। प्रदेश समग्र शिक्षा निदेशालय में इन दिनों इन सामग्री को विभिन्न जिलों के स्कूलों में आबंटित करने की तैयारी चल रही है। हालांकि जिला शिमला के सरकारी स्कूलों में चल रही प्री-नर्सरी व केजी कक्षा के छात्रों को उक्त सामग्री पहले ही पहुंचा दी गई है। इसमें 60 स्कूलों में पहले ही सामग्री को आबंटित किया गया है। वहीं अब अन्य जिलों के स्कूलों की प्री-नर्सरी व केजी कक्षा के लिए विषय सामग्री को इस सप्ताह से आबंटित करना शुरू कर दिया जाएगा। उधर, समग्र शिक्षा अभियान के परियोजना निदेशक आशीष कोहली ने बताया कि सरकारी स्कूलों में चल रही प्री-नर्सरी व केजी कक्षाओं में तीन व चार वर्ष से अधिक आयु के बच्चों के लिए 75 तरह की विषय सामग्री को तैयार किया गया है। इस सामग्री को जिला शिमला के स्कूलोें में आबंटित कर दिया गया व अन्य जिलों के स्कूलों में इस सप्ताह तक विषय सामग्री को भेजा जाएगा।

3740 स्कूलों में प्री-नर्सरी

समग्र शिक्षा अभियान के तहत अभी तक जहां प्रदेश के 3391 स्कूलों में प्री-नर्सरी कक्षाएं चल रही थीं, वहीं अब इसकी संख्या में इजाफा करते हुए 349 प्राथमिक स्कूलों में प्री-नर्सरी कक्षाओं को शामिल किया गया है।  हाल ही में दिल्ली में आयोजित हुई पैब की बैठक में एमएचआरडी ने प्रदेश के अन्य 349 प्राथमिक स्कूलों में प्री-नर्सरी कक्षाएं शुरू करने को लेकर मंजूरी दी है। इसके चलते अब प्रदेश के कुल 3740 प्री-नर्सरी स्कूलों में नौनिहालों के लिए तैयार की गई विषय सामग्री को दिया जाएगा।

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