फायर ब्रिगेड को चार किमी नापने में लगे 45 मिनट 

धर्मशाला –जिला मुख्यालय धर्मशाला के साथ लगते सकोह क्षेत्र में एंबुलेंस को लगी आग ने प्रशासन की कार्यप्रणाली व  बड़े-बड़े हवाई दावों पर प्रशन चिन्ह लगा दिया है। प्रशासन हर साल मॉकड्रिल के जरिए लाखों रुपए खर्च कर बड़े-बड़े हवाई दावे करता है लेकिन धरातल पर हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। बुधवार को अपर सकोह में एंबुलेंस में तकनीकी खराबी के कारण आग लग गई। यह आग करीब दोपहर एक बजकर 40 मिनट पर लगी। एक बजकर 45 मिनट तक स्थानीय लोगों मौके पर एकत्रित हो गए, जिसके बाद पुलिस व दमकल विभाग को घटना की सूचना दे दी। चालक ने भी अपने फोन से एक बजकर 57 मिनट पर चालक के सीनियर अधिकारी ने उसे टेलीफोन के माध्यम से सूचित किया कि पुलिस व दमकल विभाग को सूचित कर दिया गया है। इस जगह एंबुलेंस में आग लगी थी दमकल विभाग से करीब चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और पुलिस थाना से करीब तीन किलोमीटर की दूरी पर है। मौके पर पुलिस दो बजकर 26 मिनट पर पहुंची, जो कि सूचना के समय से करीब 45 मिनट यानी पौने घंटा देरी से पहुंचे। पुलिस के पहुंचने से पूर्व कुछेक जल्दबाज लोग अपने वाहनों को घटना के स्थान से गुजार रहे थे, पुलिस के आने पर पुलिस ने रास्तों को बंद किया और वाहनों की आवाजाही को पूरी तरह बाधित कर दिया। इसके बाद दो बजकर 32 मिनट पर दमकल विभाग की गाड़ी भी मौके पर पहुंच गई। दमकल विभाग की टीम ने दो बजकर 34 मिनट पर गाड़ी पर पानी की बौछारें शुरू की, जिसके बाद मात्र चार मिनट में ही धू-धू कर जल रही गाड़ी की आग पर काबू पा लिया। दमकल विभाग के पास मौजूदा समय में तीन बड़ी गाडि़यां जो कि 4500 लीटर क्षमता की हैं और एक क्यूआरबी जीप धर्मशाला में उपलब्ध है। क्यूआरबी जीप में भी एक हजार लीटर से अधिक की क्षमता है। दमकल विभाग की लेटलतीफी का यह पहला मामला नहीं है इससे पूर्व भी कई ऐसे मामले हैं जहां आग लगने के बाद आधे या एक घंटें बाद ही दमकल विभाग पहुंचता है। । हैरत की बात यह है कि पहले पौने घंटे में कोई नहीं पहुंचा और दमकल विभाग के आग बुझाने के पंाच मिनट बाद इसी विभाग की दूसरी गाड़ी भी पहंुच गई जो कि मौके पर मौजूद लोगों के लिए हास्य का पात्र भी बना। तहसील के मुखिया एसडीएम भी दो बजकर 44 मिनट पर मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने भी मौके पर मौजूद पुलिस से नुकसान की जानकारी ली और दो बजकर 54 मिनट पर एसडीएम भी नुकसान का जायजा कर रवाना हो गए। दमकल विभाग से संपर्क करने पर ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी ने बताया कि 4500 लीटर की क्षमता वाली तीन गाडि़यां और एक क्यूआरबी जीप उपलब्ध है, लेकिन जीप का पंप खराब होने के कारण उससे आग बुझाने के कार्य में प्रयोग नहीं किया जाता है।

50 मीटर दूर था बाजार

सकोह में जिस स्थान पर घटना हुई उक्त स्थान से मात्र 50 मीटर आगे से सकोह का मुख्य बाजार शुरू है और यहां बाजार के साथ-साथ लोगों की दुकानंे व घर भी हैं। लोगों में चर्चा का विषय बना कि अगर गाड़ी को बाजार में आग लगती, तो बाजार में अफरा-तफरी का माहौल बन सकता था क्योंकि गाड़ी में आक्सीजन के दो भरे हुए सिलेंडर भी थे। 

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