फिजी में उठा ठप्प फोरलेन के काम का मामला

घुमारवीं—अंतरराष्ट्रीय मजदूर महासंघ (बीडब्लयूआई) एशिया के पॉलिसी आफिसर डा. राजीव शर्मा ने आल हिमाचल पीडब्ल्यूडी-आईपीएच एंड कन्ट्रेच्युल वर्कर्ज यूनियन के सचिव प्रेम लाल भाटिया और अरुण कुमार शर्मा के साथ फिजी देश के नाडी शहर में एशियन डिवेलपमेंट बैंक के प्रबंधन के समक्ष किरतपुर-नेरचौक फोरलेन रोड प्रोजेक्ट में कार्यरत कामगारों की समस्याओं के बारे में प्रस्तुतिकरण रखा। डा. राजीव शर्मा ने सवाल उठाया कि यदि कोई कंपनी बीच में ही अधूरा काम कार्य छोड़कर चली जाए, जिससे कामगार बेरोजगार हो जाते हैं और मजदूरांे की बकाया धन राशि रह जाए तो इसके लिए क्या नीति है। एडीबी प्रबंधन ने बीडब्ल्यूआई को कहा कि हमारे बंैक ने किरतपुर-नेरचौक फोरलेन प्रोजेक्ट की शिकायत के बारे में विशेष कमेटी गठित कर दी है, जिसमें भारत के अधिकारियों के साथ सलाह मशविरा करके काम कर रहे है। जब यूनियनें कामगारों के हितों के बारे में बात करती हैं तो बैंकों के कार्यो में पारदर्शिता आएगी। जानकारी के अनुसार एडीबी की 52वीं वार्षिक मीटिंग का आयोजन फिजी देश के नाडी शहर में पहली से पांच मई तक का हुआ है। इसमंे ओपनिंग सेशन के समारोह में फिजी देश के प्रधानमंत्री ने एशिया के कई देशों के अंतरराष्ट्रीय यूनियनों के प्रतिनिधियों और एशियन डिवेलपमेंट बैंक से संबंधित अन्य बैंक के अधिकारियों तथा विभिन्न देशों के सरकारी प्रतिनिधियों को संबोधित किया। बीडब्ल्यूआई के प्रस्तुतिकरण में फिलीपीन के कार्यकारी अधिकारी रियान हसन ने भी कहा कि किसी भी प्रोजेक्ट में कामगारों की हितों का शोषण नहीं होना चाहिए। उन्होंने भी बंगलादेश में और नेपाल में चल रहे प्रोजेक्टों मे कार्यरत कामगारों के बारे में भी विचार रखे। फिजी देश के उद्योग मंत्री ने भी यूनियन के प्रस्तुतिकरण की सराहना करते हुए कहा कि कामगारों की बकाया राशि की पेमेंट कंपनी को देनी चाहिए।

You might also like