फोरेंसिक रिपोर्ट पर अटकी एसआईटी जांच

शिमला रेप केस में 22 दिन की पड़ताल के बाद भी हाथ नहीं लगा कोई सुराग

शिमला  – शिमला में युवती के अपहरण कर दुष्कर्म मामले की एसआईटी जांच फोरेंसिक रिपोर्ट पर अटक गई है। एसआईटी को फोरेंसिक लैब से आने वाली रिपोर्ट का इंतजार है, क्योंकि अभी तक की जांच में एसआईटी के हाथ ऐसा कोई सुराग नहीं लग पाया है, जिसके दम पर एसआईटी युवती के अपहरण कर दुष्कर्म की इस अनसुलझी पहेली को सुलझा सके। पुलिस की जांच के लिए गठित एसआईटी का दावा है कि जब तक मौके पर से लिए गए साक्ष्य के चिकित्सा परीक्षण कर रिपोर्ट फोरेंसिक लैब से नहीं आ जाती, तब तक इस मामले में जांच आगे नहीं बढ़ाई जा सकती, लेकिन फिर भी एसआईटी की जांच चल रही है। एसआईटी इस मामले में रोज शक के आधार पर संदिग्धों से पूछताछ कर रही है। इसके अलावा सीडीआर, सीसीटीवी फुटेज और डंप विश्लेषण किया जा चुका है। पीडि़त की दिशा के अनुसार उसकी उपस्थिति में एक स्केच तैयार किया गया था। पीडि़ता द्वारा बताए अनुसार जिस व्यक्ति का स्कैच तैयार किया गया, उसकी तलाश के लिए अलग-अलग दिशाओं में टीमें भेजी गईं। एसआईटी इस मामले में पीडि़ता के दोस्तों और घटना के प्रासंगिक समय के दौरान मौके पर मौजूद छह गवाहों के बयान भी दर्ज कर चुकी है। एसआईटी प्रमुख परवीर ठाकुर का कहना है कि महिलाओं के प्रति अपराध की संवेदनशीलता को देखते हुए इस मामले में नियमित मीडिया ब्रीफ संभव नहीं है। दरअसल अभी तक एसआईटी युवती के अपहरण कर दुष्कर्म मामले की जांच में अंधेरे में ही तीर मार रही है।  एसआईटी 22 दिन से जांच कर रही है, लेकिन एसआईटी जांच का नतीजा अभी तक शून्य ही है। एसआईटी अभी तक न तो गाड़ी ट्रेस कर पाई है और न ही अपहरण और रेप करने वाले आरोपियों का सुराग लगा पाई है।

मेल नहीं खा रहे पीडि़ता के बयान

एसआईटी के लिए यही जांच का विषय बना हुआ है कि आखिर पीडि़ता के बयान क्यों मेल नहीं खा रहे। चूंकि पुलिस में दी गई शिकायत में पीडि़ता ने आरोप लगाया था कि 28 अपै्रल देर रात को एक कार में सवार तीन अज्ञात आरोपियों ने शिव मंदिर के पास से उसका अपहरण किया और एक युवक ने उसके साथ दुराचार किया, फिर नग्न अवस्था में उसे गाड़ी से बाहर धकेलकर आरोपी फरार हो गए, लेकिन फुटेज में युवती अकेली पैदल चलती नज़र आ रही है।

You might also like