बंदरों से मुक्त होगा पालकवाह

ऊना—हरोली विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत पालकवाह में बंदरों के आतंक से निपटने को प्रशासन ने कमर कस ली है। स्थानीय लोगों की मदद से वन विभाग के फोरेस्ट गार्ड बंदरों को भगाया जा रहा है। वन विभाग की ओर से बंदरों की समस्या से निपटने के लिए चार टीमों का गठन किया गया है। वन विभाग की टीमें हथियारों से लैस होकर गांव में लगातार गश्त कर रही हैं। बंदरों को डराने के लिए हवाई फायर किए जा रहे हैं और एयर गन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। वन विभाग के कर्मचारियों के पास ट्रेंकुलाइजर गन भी हैं। इसके अलावा इन शरारती बंदरों पर अंकुश लगाने के लिए चार पिंजरे लगा दिए गए हैं। पहले यहां दो पिंजरे थे। उल्लेखनीय है कि पालकवाह के लोगों ने बंदरों की समस्या से चलते जाम लगाकर प्रदर्शन किया था। इसके चलते यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को समस्या झेलनी पड़ी थी। वहीं, क्षेत्र में शरारती बंदर कई लोगों पर हमले कर चुके हैं। बहरहाल, प्रशासन की ओर से इस समस्या के समाधान के लिए प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। जिला प्रशासन की ओर से लोगों की समस्या को देखते सकारात्मक कदम उठाए हैं। क्षेत्र में बंदरों के आतंक पर स्थानीय लोगों के रोष को देखते हुए इस मामले को उपायुक्त राकेश कुमार प्रजापति व डीएफओ ऊना यशुदीप सिंह के समक्ष उठाया गया। इसके बाद वन विभाग ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। इसके चलते कयास लगाए जा रहे हैं कि प्रशासन और वन विभाग के संयुक्त प्रयासों के चलते क्षेत्र लोगों को बंदरांे के आतंक से जल्द ही छुटकारा मिल जाएगा। वहीं, एसडीएम हरोली गौरव चौधरी ने कहा कि प्रशासन स्थानीय लोगों की समस्या से अच्छी तरह वाकिफ है। उन्हें बंदरों की समस्या से मुक्ति दिलाने को प्रतिबद्ध है। बंदरों ने हमला कर कई स्थानीय लोगों को घायल किया है और किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। इलाके से बंदरों को भगाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं, जो आने वाले समय में भी जारी रहेंगे। मीडिया में रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन ने वन विभाग को तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए हैं। अब प्रशासन की कार्रवाई का असर भी दिखाई दे रहा है। कई बंदरों को पकड़ा जा चुका है और इलाके में उनकी संख्या कम हो रही है। डर के मारे बंदर भाग रहे हैं।

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