बच्‍ची के इलाज को ठाकरें

मंडी—एक तो घोर गरीब और ऊपर से बेटी को कैंसर। अब लाचार पिता करे तो क्या करे। इलाज के लिए पैसे नहीं होने के कारण यह पिता दर-दर भटक रहा है कि कहीं से मदद मिल जाए और बेटी का इलाज शुरू हो सके। यह दर्द भरी दास्तां हैं जोगिंद्रनगर उपमंडल के तहत घटासनी के थलोट गांव के व्रेस्तु राम की। व्रेस्तु राम बेटी के इलाज के लिए दर-दर भटक रहा है। थलोट के रहने वाले व्रेस्तु राम की 18 वर्षीय बेटी को कैंसर है। कैंसर का इलाज पहले मंडी फिर आईजीएमसी और  बाद में पीजीआई में करवाया गया। अब पीजीआई में फिर इलाज करवाना है, लेकिन व्रेस्तु राम के पास इतने पैसे नहीं है। व्रेस्तु राम का कहना है कि इलाज में करीब एक लाख तक का खर्च आएगा। इतने पैसे उसके पास नहीं हैं। बच्ची की बीमारी का करीब छह महीने पता चला। पहली मंडी इलाज करवाया गया। मंडी से उन्हें आईजीएमसी और वहां से पीजीआई भेज दिया गया। पीजीआई में इलाज के लिए पैसे चाहिए, लेकिन उनके पास पैसे नहीं है। इस बाबत उपायुक्त मंडी ऋग्वेद ठाकुर से भी गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई मदद नहीं मिली। व्रेस्तु राम मेहनत मजदूरी कर घर चलाते हैं, लेकिन खुद भी पूरी तरह से स्वस्थ नहीं है। ऐसे में मेहनत मजदूरी करने में भी परेशानी उठानी पड़ती है। व्रेस्तु राम जिला प्रशासन व सरकार से गुहार लगाई है कि उनकी बेटी के इलाज के लिए आर्थिक रूप से मदद की जाए ताकि वह जल्द से जल्द से बेटी का इलाज करवा सकें। फिलहाल बेटी घर पर है, क्योंकि पैसे नहीं होने के कारण वह इलाज के लिए चंडीगढ़ नहीं जा सकते।

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