बड़सर में नहीं थम रहा पीलिया, केस बढ़े

बिझड़ी—उपमंडल बड़सर के अलग-अलग क्षेत्रों से पिछले डेढ़ हफ्ते से पीलिया के कई मामले सामने आ चुके हैं। हालांकि इस गंभीर बीमारी को फैलता देख स्वास्थ्य विभाग व आईपीएच विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों से पानी के नमूने लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं, लेकिन अभी तक आई जांच रिपोर्ट में एक सैंपल को छोड़कर पानी शुद्ध बताया जा रहा है, जबकि  खून की जांच रिपोर्ट में मरीजों को हेपेटाइटिस ए की पुष्टि हुई है। इसके अलावा प्राकृतिक जल स्रोतों व पानी की टंकियों की साफ-सफाई आईपीएच विभाग के अधिकारी अपनी देखरेख में करवा रहे हैं, लेकिन हैरत की बात है कि तमाम प्रयासों के बावजूद क्षेत्र में पीलिया के नए मामले लगातार सामने आ रहे हैं। बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य कंेद्र बिझड़ी व क्षेत्रीय अस्पताल बड़सर में पांच से छह पीलिया के नए मामले सामने आए हैं। सूत्रों के मुताबिक कई लोग पीडि़तों का अपने स्तर पर निजी अस्पतालों में भी उपचार करवा रहे हैं, जिससे पीडि़तों का आंकड़ा काफी बढ़ सकता है। हैरत की बात यह है कि आईपीएच विभाग द्वारा लिए गए पानी के नमूनों में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी नहीं पाई गई है, लेकिन इसके उलट स्वास्थ्य विशेषज्ञ हेपेटाइटिस ए के लिए सबसे ज्यादा अशुद्ध जल को जिम्मेदार मान रहे हैं। इसके अलावा गंदा खाना खाने, गंदे हाथों का इस्तेमाल व पीडि़त मरीज के क्लोज कॉन्टेक्ट में आने से भी ये बीमारी फैलती है। वहीं, कार्यवाहक बीएमओ बड़सर डा. राकेश का कहना है कि सीएचसी बिझड़ी में पीलिया के नए मामले सामने आ रहे हैं। विभाग द्वारा लिए गए पानी के सैंपल की जांच रिपोर्ट मंडी से नहीं आई है। उधर, आईपीएच कनिष्ठ अभियंता पीसी दत्याल का कहना है कि बुधवार को अलग-अलग क्षेत्रों से पानी के 14 सैंपल लिए गए हैं। पहले लिए गए सैंपल में से केवल बल्ह-बिहाल पंचायत के कुएं का पानी दूषित पाया गया था। इसमें बैक्टीरिया की मात्रा 20 पाई गई थी, जिसे बंद करवा दिया गया है।

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