बनेर खड्ड के बीच सजीं दुकानें

धर्मशाला—प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री चामुंडा मंदिर के साथ बहती बनेर खड्ड के बीच बहते पानी में श्रद्धालु बेखौफ पहंुच रहे हैं। इन श्रद्धालुओं को खड्ड में जाने से रोकने के लिए प्रशासन कोई सुचारू व्यवस्था नहीं कर रहा है। इसी खड्ड पर बिजली के प्रोजेक्ट चल रहे हैं। पावर प्रोजेक्ट का पानी भी इसी खड्ड से बहता है।  गर्मियों में बाहरी राज्यों के भक्त पहाड़ों में शक्तिपीठों के दर्शन करने पहुंचते हैं। बर्फीला पानी इस खड्ड में बहता है, तो श्रद्धालु गर्मी में ठंडे पानी में मौज मस्ती करने खड्ड में उतर जाते हैं, लेकिन पहाड़ पर अचानक कब पानी बढ़ जाए इसका कभी भी पता नहीं चल पाता है। पावर प्रोजेक्ट के पानी का बहाव भी बढ़ सकता है, जिससे कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। लेकिन प्रशासन इस खतरे को भलिभांति जानते हुए भी अनजान बना हुआ है। गौर रहे कि इससे पूर्व भी पावर प्रोजेक्ट की छोटी सी गलती के कारण जिला मंडी के थलौट में भी ब्यास में 24 छात्रों को जान गवानी पड़ी थी, लेकिन प्रशासन ऐसी घटनाओं से भी सबक नहीं ले रहा है। 

पुलिस के आते ही सब साफ

पुलिस जब इस ओर गश्त लगाती है, तो दुकानें व श्रद्धालुओं को खड्ड से बाहर निकाल देते हैं लेकिन उनके जाने के बाद दोबारा लोग और दुकानदार एक बार फिर अपनी चलती -फिरती दुकानें सजा देते हैं । इससे श्रद्धालु भी गर्मी के मौसम में ठंडक का अहसास करने खड्ड में पहंुच जाते हैं।

You might also like