बर्फीले रास्ते पर सात घंटे फंसे भक्त

नौहराधार—हरियाणा के छह श्रद्धालु शनिवार रात को सात घंटे तक चूड़धार के जंगल में बर्फीले रास्ते पर भटकते रहे। कालका से चूड़धार यात्रा पर आया छह सदस्यीय दल शनिवार दोपहर बाद करीब दो बजे नौहराधार से चूड़धार के लिए रवाना हुआ।यह दल रात करीब दस बजे तीसरी पहुंचा। तीसरी से जब यह दल जब रात को चूड़धार के लिए रवाना हुआ तो यात्री रास्ता भटक गए। रास्ते में पांच से सात फुट जमी हुई थी इसलिए यात्रियों को रास्ते का पता ही नहीं चल पा रहा था। काफी देर तक जब रास्ता नहीं मिला तो यात्रियों ने रात करीब 12 बजे नाहन पुलिस कंट्रोल रूम को रास्त भटकने की सूचना दी और पुलिस से सहायता की गुहार लगाई। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई। रात करीब साढ़े 12 बजे पुलिस की एक टीम नौहराधार से चूड़धार के लिए रवाना हुई। सुबह करीब पांच बजे जब पुलिस की टीम तीसरी के समीप पहुंची तो यात्रियों ने पुलिस को सूचना दी कि उन्हें चूड़धार जाने वाला रास्ता मिल गया है। उसके बाद पुलिस की टीम तीसरी से ही वापस लौट गई। रास्ता भटकने के कारण यात्रियों को पूरी रात जंगल में बर्फ पर ही गुजारनी पड़ी। पुलिस को भी पूरी रात भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। नौहराधार चूड़धार रास्ते पर भारी बर्फ जमी होने 24 दिनों के भीतर 11 यात्री रास्ता भटक चुके हैं। इस रास्ते पर यात्रियों के फंसने का यह तीसरा मामला है। 16 अप्रैल को पंजाब व मध्य प्रदेश के दो श्रद्धालु रास्ता भटकने के कारण 12 घंटे तक बर्फीले जंगल में फंस गए थे। दोनों टैकरों ने पूरी रात बर्फ पर ही बिताई थी। 17 अप्रैल को उन्हंे एक चौपर से रैस्क्यू किया गया था। तीन मई को हरियाणा के रोहतक के तीन श्रद्धालु भी तीसरी से आगे रास्ता भटक गए थे और उन्हें पूरी रात रास्ते में बर्फ पर ही गुजारनी पड़ी। इससे पहले 11 नवंबर, 2018 को चंडीगढ़ के एक कालेज के51 छात्र-छात्राओं का दल भी रास्ते में भारी बर्फ होने के कारण तीसरी में फंस गया था। उस दल को पूरी रात तंबू लगाकर तीसरी में ही गुजारनी पड़ी। दूसरे दिन वह दल तीसरी से ही वापस लौटा।

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