बस चलाओ… वरना वोट भूल जाओ

कुल्लू—खराहल घाटी में मंगलवार को मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर घाटी के लोगों ने उनके समक्ष अपनी मांगें रखने का मन बना लिया है। कोट गांव तक बस सेवा बहाल न होने से लोगों में खासी नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया तो वे आने वाले समय में चुनावों से भी कन्नी काट सकते हैं। लारीकोट सड़क वर्ष 2009 में पास हुई है। लेकिन एक दशक का समय बीत जाने के बाद भी इसका लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पाया है। सड़क तो बनाई गई है लेकिन उसके लाभ से वे वंचित हो गए हैं। इससे ग्रामीण या तो जीप में अधिक पैसे देकर घर पहुंच रहे हैं या फिर पैदल ही सफर करने को विवश हैं। खराहल वैली छात्र संगठन के पदाधिकारी आशीष ठाकुर, पंकज ठाकुर, सोम लता व पीयूष का कहना है कि बस सेवा न मिलने से छात्रों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा रहा है। उनके संगठन से जुड़े हुए सदस्य कई बार उनके समक्ष इस समस्या को रखे हुए हैं। हालांकि कुछ समय पूर्व बुरगड़ी नाले के आगे सड़क खराब होने के कारण बस सेवा प्रभावित हुई थी। चालक और परिचालक अपनी मनमानि के चलते छह बजे की बस को बंदल में ही खड़ा कर देते हैं। सुबह के समय भी बस वहीं से चलती है। वहीं, शिवा युवक मंडल लारी के प्रधान दुनी चंद, कोट वार्ड पंच अमरी देवी, लक्ष्मी महिला मंडल कोट की प्रधान सवित्रा देवी, चताणी वार्ड की पंच रांता देवी, पूर्व वार्ड पंच व रोगी महिला मंडल की प्रधान कला देवी, राम चंद व चताणी युवक मंडल के प्रधान फतेह सिंह राणा ने सामूहिक बयान में बताया कि उनकी जो मांग है उसमें सुबह के समय 11 बजे की बस चताणी नाला तक आए ताकि कुल्लू जाने वाले यात्रियों को इसका लाभ मिले। साथ ही शाम के समय चलने वाली साढ़े छह बजे की बस भी अंतिम स्टेशन तक पहुंचे। ग्रामीणों का कहना है कि रात्रि ठहराव या कुछ अन्य समस्या का समाधान करने के लिए ग्रामीण तैयार हैं। लेकिन उन्हें बस सुविधा से वंचित न किया जाए। क्योंकि इसके कारण कोट, मनारी, लारी, रोगी, शिल्हा, बदलोगी, चताणी, डुगाभ्रा आदि गांव के लोग टैक्सियों में सफर करने को विवश हैं।

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