बहबल कलां कांड पर बनेगा स्मारक

फरीदकोट में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह ने किया ऐलान, राहुल गांधी भी रहे मौजूद

फरीदकोट – पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह ने बहबल कलां और कोटकपूरा में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिस गोली से मारे गए या घायल होने वालों की याद में बरगाड़ी या नजदीक एक स्मारक बनाने का ऐलान किया है। पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल द्वारा बरगाड़ी और बेअदबी के अन्य मामलों को अतीत की बात होने के दावों की खिल्ली उड़ाते हुए कैप्टन सिंह ने कहा कि लोग धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी को न तो भूले हैं और न ही कभी भूलेंगे। अकाली दल के सरपरस्त को यह सुझाव देने के लिए शर्मसार होना चाहिए। मुख्यमंत्री फरीदकोट से कांग्रेस के उम्मीदवार मोहम्मद सदीक के समर्थन में जनसभा को संबोधित कर रहे थे । इस मौके पर कांग्रेस पार्टी के प्रधान राहुल गांधी ने भी रैली को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिख भाईचारा पिछले पांच सौ सालों के दौरान अपने किसी भी सदस्य के बलिदान को नहीं भूला और वह इसको भी नहीं भूल सकते। श्री बादल 93 साल की उम्र होने के बावजूद इस सच्चाई को नहीं जान सके । बादलों के राज में घटी घटनाओं को कोई किस तरह भूल सकता है। एक या दो नहीं बल्कि 58 गुरु ग्रंथ साहिबान की बेअदबी हुई है। इसके अलावा अनेकों गुटका साहिब, भगवत गीता, बाइबल और कुरान की बेअदबी हुई। कैप्टन सिंह ने कहा कि बादलों के नाक के नीचे बेअदबी के विरुद्ध शांतिपूर्ण विरोध के दौरान पुलिस गोलीबारी की घटनाओं और उन महीनों के दौरान बरगाड़ी में जो भी कुछ घटा, उसे पंजाब कभी नहीं भूल सकता। बादलों की जानकारी के बिना गोलीबारी हो ही नहीं सकती थी। मुख्यमंत्री ने उस समय को याद करते हुए कहा कि प्रभावित हुए लोगों ने उनको बताया था कि कैसे पुलिस का एस.पी. एकदम आया और गोली चलाने के हुक्म दिए और पुलिस ने भाग रहे लोगों पर गोली चलाई। ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए यह कोई ढंग नहीं है और यदि गोली चलाने की ज़रूरत पैदा हुई थी तो यह एक मजिस्ट्रेट की हाजिरी में पुलिस की छोटी टुकड़ी द्वारा ऐसा किया जाना था, क्योंकि मजिस्ट्रेट स्थिति का पता लगाता और गड़बड़ के अंदेशे के संदर्भ में एक व्यक्ति पर एक गोली चलाने के हुक्म देता।

You might also like