बाजार में घटिया शराब, सैंपल फेल

मिसब्रांडेड निकले दो नमूने, दो कंपनियों को साढे़ छह लाख का जुर्माना

शिमला  – खबरदार यदि आप शराब का सेवन क र रहे हैं तो ये भी सोच लीजिए कि ये आपको बाजा़र में मिसब्रांडेड भी मिल सकती है। शिमला में शराब के दो सैंपल फेल हुए हैं। हालांकि इसे लेकर अब आगामी कार्रवाई करते हुए इस माह लगभग साढे छह लाख का जुर्माना वसूला   गया है, लेकिन उन लोगों के लिए जरूर ये सच सामने आया है कि बाजा़़र में आपको घटिया शराब भी मिल सकती है। जानकारी के मुताबिक शिमला से शराब क ी आठ दुकानों से छह सैंपल उठाए गए थे। ये सैंपल कंडाघाट भेजे गए थे। इस वर्ष आई रिपोर्ट में सामने आया कि उसमें तय कलरिंग नहीं पाई गई। यानी कि जो रंग शराब में डाला जाना था, वह उसमें नहीं डाला था। बताया जा रहा है कि उस रंग का ब्यौरा उस बोतल के लेबल पर भी लिखा गया था। जांच में पाया गया कि वह रंग उस सैंपल में नहीं निकला है। वहीं, दूसरे सैंपल में एलकोहल की तय मात्रा के मुताबिक कंटेट नहीं मिल पाए। लिहाजा़ अब इन दोनों कंपनियों को साढ़े छह लाख का जुर्माना वसूलने के बाद उन्हें आगामी समय के लिए सतर्कता बरतने के लिए अल्टीमेटम भी जारी किया गया है। बताया जा रहा है कि हैल्थ सेफ्टी एंड रेगुलेशन डिपार्टमेंट द्वारा की गई कार्रवाई में इस वर्ष शराब के कई ठेकों पर छापेमारी की गई है। इस वर्ष शराब के ठेकों के  लगभग दस दुकानदारों को नोटिस भी जारी किया गया लेकिन इसमें दो सैंपल की पुष्टिगत रिपोर्ट सबस्टैंडर्ड आई,  जिसमें शराब के दो सैंपल फेल होने के बाद दुकानदारों को भी नोटिस जारी किए गए। हैल्थ सेफ्टी एंड रेगुलेशन डिपार्टमेंट के फूड सेफ्टी ऑफिसर अशोक मंगला ने बताया कि  शिमला में शराब के दो सैंपल फेल होने के बाद आगामी कार्रवाई में जुर्माना लगाया गया है। जनता को अपनी सेहत के प्रति सतर्क रहना चाहिए 

शराब हानिकारक, पर मापदंड अपनाना जरूरी

विशेषज्ञों का कहना है कि हालांकि शराब सेहत के लिए हानिकारक है, जिसकी उचित लेबलिंग के निर्देश भी जारी किए गए हैं, जिसमें शराब के लेबल पर उचित वार्निग लिखनी जरूरी है, लेकिन तय मापदंड के अनुरूप ये भी साफ किया गया है कि यदि कंपनी बिक्री के लिए पूरे मापदंड तय नहीं करती है तो यह घटिया की श्रेणी में आएगी।  

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