बाहरा के छात्र साइरस ने बनाया मिनी ड्राफ्टर एनहांसर

सोलन—बाहरा विश्वविद्यालय के मेकेनिकल इंजीनियरिंग के होनहार छात्र ने मिनी ड्राफ्टर की सटीकता बढ़ाने वाले उपकरण का निर्माण किया है। इस विषय में अधिक जानकारी देते हुए बाहरा विश्वविद्यालय के कुलपति डा. सतीश कुमार ने बताया कि मेकेनिकल इंजीनियरिंग के तीसरे वर्ष के छात्र साइरस नेगी ने इसे कड़ी मेहनत से बनाया है। उन्होंने कहा कि इस मिनी ड्राफ्टर एनहांसर की खासियत यह है कि यह न केवल ड्राफ्टर की सटीकता बढ़ाएगा बल्कि मौजूदा ड्राफ्टर में मौजूद त्रुटियों को बेअसर करने में भी मदद करेगा। साइरस ने कहा कि आलेखन मशीन एक उपकरण है जिसका उपयोग इंजीनियरिंग और वास्तुकला छात्रों द्वारा ड्राइंग के लिए किया जाता है। इसकी उच्च लागत के कारण, इसे एक छोटे और किफायती संस्करण के रूप में बनाया गया है, जो बाजार में मिनी-ड्राफ्टर के रूप में आसानी से उपलब्ध हैं, लेकिन जैसे-जैसे लागत कम होती जाती है, सस्ते विनिर्माण के कारण इसकी दक्षता भी घटती जाती है। मिनी-ड्राफ्टर एक्यूरेसी एनहांसर एक ऐसी डिवाइस है, जिसे मैन्यफेक्चरिंग के दौरान आसानी से मौजूदा मिनी-ड्राफ्टर से जोड़ा जा सकता है। यह मौजूदा मिनी-ड्राफ्टर से त्रुटि को हटाता है और इसकी कोण मापने की सटीकता में सुधार करता है। मौजूदा मिनी-ड्राफ्टर एक डिग्री के न्यूनतम कोण को माप सकता है। लेकिन मिनी ड्राफ्टर सटीकता बढ़ाने वाले यंत्र के साथ वह 0.1 डिग्री भी माप सकेगा। साइरस ने कहा कि इसके केंद्र में एक माउंट है जो केंद्र में बोल्ट द्वारा बनाई गई त्रुटि को बेअसर कर देगा। साइरस ने बताया कि वे आठ महीनों से इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं और कई प्रयासों के बाद उन्होंने सफलतापूर्वक अपने आविष्कार का एक प्रोटोटाइप तैयार किया है । साइरस ने कहा कि उन्होंने इस प्रोटोटाइप के निर्माण के लिए थ्री डी प्रिंटिंग तकनीक का इस्तेमाल किया है। जिसका खर्च लगभग 2000 रुपए रहा।

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