बिखरते जातिगत समीकरण

विजय महाजन

इस बार लोकसभा चुनावों के परिणाम भारतीय राजनीति का अभूतपूर्व परिणाम हैं, क्योंकि जिस प्रकार धार्मिक और जातीय समीकरण टूटे हैं, वह शायद ही पहले कभी देखे गए। उत्तर प्रदेश तथा बिहार में जिस प्रकार जाति आधारित दलों का वहां की जनता ने निष्पक्षता दिखाकर बहिष्कार किया, वह कहीं न कहीं जातीय राजनीति करने वालों के मुख पर एक करारा तमाचा है। भाजपा की बहुमत वाली सरकार भारत के विकास में कारगर सिद्व होगी। इसके विपरीत गठबंधन की सरकारें तो कुछ ही समय में धराशायी हो जाती हैं। सही मायनों में देखा जाए, तो भारतीय जनता जातिगत राजनीति के प्रति उदासीन हो चुकी है, जो कि देश के विकास के लिए एक शुभ संकेत और जातिवाद फैलाने वाले राजनेताओं के लिए अशुभ संकेत ही नहीं, अपितु एक बड़ी चुनौती भी है।

 

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