बिजली बोर्ड के डिफाल्टरों की मौज

हमीरपुर -विद्युत बोर्ड हमीरपुर का अकाउंट सेटल नहीं हो पा रहा। पांच माह का लंबा अरसा बीते जाने के उपरांत समस्या ज्यों की त्यों बरकरार है। आलम यह है कि बीते पांच माह से डिफाल्टरों की सूची नहीं निकल पाई। शिमला की टीम हमीरपुर का दौरा करने के उपरांत भी समस्या का समाधान अब तक नहीं कर पाई है। बताया जा रहा है कि शिमला से ही अकाउंट सेटल नहीं हो पा रहा। इस कारण डिफाल्टरों की लिस्ट नहीं निकल पा रही। ऐसे में विद्युत बोर्ड को चूना लगाने वाले डिफाल्टर उपभोक्ता बचे हुए हैं। नए सॉफ्टवेयर के कार्य शुरू करने के उपरांत एक बार भी डिफाल्टरों की लिस्ट जारी नहीं हो पाई। मई महीने में उम्मीद लगाई जा रही थी कि डिफाल्टरों की सूची जारी हो जाएगी, बाद में पता चला कि इस बार भी शिमला से अकाउंट सेटल नहीं हो पाया है। जब तक अकाउंट सेटल नहीं होता, डिफाल्टरों की सूची तैयार कर पाना संभव नहीं। जाहिर है कि बिजली बोर्ड हर माह डिफाल्टरों की सूची जारी करता था। अकाउंट सेटल होने के बाद ही पता चलेगा कि डिफाल्टरों ने विद्युत बोर्ड के कितने पैसे पर कुंडली मार रखी है। वहीं, बिजली बोर्ड स्वयं अकाउंट सेटल होने का इंतजार कर रहा है। माना जा रहा है कि एक बार लिस्ट निकलने के उपरांत तुरंत प्रभाव से डिफाल्टरों पर कार्रवाई शुरू हो जाएगी। शिमला मुख्य कार्यालय में बात करने पर 15 दिन में समस्या के समाधान का आश्वासन दिया गया है। अब विद्युत बोर्ड पंद्रह दिन पूरा होने का इंतजार कर रहा है। निर्धारित समयावधि में समस्या हल हो गई तो जून के प्रथम सप्ताह में ही डिफाल्टरों की सूची निकालकर कनिष्ठ अभियंताओं को कार्रवाई के लिए सौंप दी जाएगी।

 

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