बीमार ने रास्ते में तोड़ा दम

सड़क बंद होने से अस्पताल तक नहीं पहुंच पाया बुजुर्ग,बांस की पालकी बनाकर ले जा रहे थे परिजन

रिवालसर -सरकारी कार्यो में लेटलतीफी व लापरवाही के कारण एक व्यक्ति को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। बल्ह उपमंडल की ग्राम पंचायत लोअर रिवालसर के लेहड़ा गांव में ऐसा ही एक मामला सामने आया है। गत महीने से सड़क सुविधा बंद होने से लेहड़ा के ही एक व्यक्ति तारा चंद उम्र 61 को अपनी जिंदगी से हाथ धोना पड़ा। तारा चंद गत बुधवार को अचानक बीमार हो गया। मगर समय पर अस्पताल में न पहुंचा पाने के कारण बीच रास्ते में ही वह जिंदगी की जंग हार गया। रोड़ बंद होने के कारण परिवार के लोगों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए आनन फानन में बांस के डंडे में चादर लपेट कर उसकी पालकी बनाकर मरीज को चढ़ाई के रास्ते बड़ी मुशिकल से लेहड़ा से हंडकला नामक स्थान तक उठाकर लाया। उसके बाद उसे गाड़ी में ले जा कर रत्ती अस्पताल ले जाया गया। मगर तब तक बहुत देर हो चुकी थी। परिवार के लोगों के अनुसार डाक्टरों का कहना था कि अगर मरीज को समय पर अस्पताल पहुंचाया जाता तो उसे बचाया जा सकता था। लेहड़ा गांव के गिरजा नंद, रूपदेव, बिटु, प्रियंका व बिक्कु ने बताया कि ग्राम पंचायत लोअर रिवालसर के माध्यम से लेहड़ा गांव के लिए कई महीनों से जीप योग्य सड़क को पक्का करने का कार्य हो रहा है। जिसका कार्य कछुआ गति से चल रहा है। मार्ग पर रेत बजरी व पथरों के ढे़र होने के कारण सड़क पर छोटे बड़े वाहनों की आवाजाही गत एक महीने से बंद है। ग्रामीणों का कहना है कि जब भी इस संबंध में पंचायत के नुमाइंदों से बात की जाती है तो अजीबों गरीब तर्क सुनने को मिलते है। वहीं गांव के लोगों ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर जनता की सुविधा के लिए शीघ्र सड़क मार्ग नहीं खोला गया तो वह पंचायत नुमाइंदों का घेराव करेंगे। स्थानीय पंचायत प्रधान संजय कुमार ने बताया कि सड़क तंग होने के कारण मजबूरीवश रेत बजरी सड़क पर फेंकना पड़ रही है। जिसे हटाने के इंतजाम किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि गांववासियों की सुविधाओं के लिए ही इस सड़क को पक्का किया जा रहा है

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