बेटी के इनसाफ को एसपी के द्वार मायका

मौत को लेकर ससुराल पक्ष पर कार्रवाई करने की ऊठाई मांग, बजूरी की नवविवाहिता ने फंदा लगाकर दी थी जान

हमीरपुर -बेटी को न्याय दिलाने की ठान चुके मायका पक्ष ने पुलिस थाना हमीरपुर का घेराव करने के उपरांत शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में धाबा बोला। मृतक बेटी को न्याय दिलाने के लिए परिजन दिन-रात जुटे हुए हैं। यहां पहुंचकर मामले की गहनता से जांच करने की मांग पुलिस अधीक्षक से की गई। ग्रामीणों का कहना था कि उनकी बेटी को दहेज के लिए प्रताडि़त किया गया। वह अच्छी पढ़ी लिखी थी तथा आत्महत्या जैसा खौफनाक कदम नहीं उठा सकती थी। उसे ऐसा करने के लिए मजबूर किया गया है। तंग आकर उसने आत्महत्या जैसा खौफनाक कदम उठाया है। सुसराल पक्ष ने उसे फंदा लगाने के लिए मजबूर कर दिया था। पुलिस अधीक्षक हमीरपुर ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि पुलिस मामले की गहनता से जांच करेगी। पुलिस अधीक्षक के आश्वासन के बाद ग्रामीण वापस लौटे। जाहिर है कि बजूरी गांव की शिवानी (26)ने फंदा लगाकर जान दी थी। मामला एक सप्ताह पहले का है। फंदा लगाकर जान देने वाली नवविवाहिता का पोस्टमार्टम टांडा में करवाया गया। ग्रामीणों का आरोप था कि सुसराल पक्ष ने शिवानी को दहेज के लिए प्रताडि़त किया है। उसे गरीब घर की बेटी कहकर प्रताडि़त किया जाता था। इसी के चलते उसने मौत को गले लगाने वाला खौफनाक कदम उठाया है। इसी कड़ी में चंबोह गांव के ग्रामीण पुलिस थाना हमीरपुर का भी घेराव कर चुके हैं। लोगों के प्रदर्शन के बाद पुलिस ने सुसराल पक्ष के खिलाफ मामला दर्ज किया था। मायका पक्ष बेटी को न्याय दिलाने के लिए शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक से मिला। इस दौरान मृतका के माता-पिता सहित अन्य परिजन उपस्थित रहे। पुलिस अधीक्षक अर्जित सेन ने सभी ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि मामले की पुलिस गहनता से जांच कर रही है। बता दें कि मृतका ने मौत को गले लगाने से पहले अपने पति से भी चैटिंग की है। मायका पक्ष के अनुसार उसका अंतिम मैसेज अलविदा था। इसके बाद उसने मौत को गले लगा लिया। चैटिंग के कुछ मैसेज भी डिलीट किए गए हैं। वहीं, मायका पक्ष का कहना है कि पहले उन्हें बताया कि गया हार्ट अटैक से उनकी बेटी की मौत हुई, जबकि बाद में पता चला कि उसने फंदा लगाया है।

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