बोर्ड की किताबें न पढ़ाई, तो कार्रवाई

हमीरपुर में स्कूलों के औचक निरीक्षण में मिली दूसरी पुस्तकें, शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष की पहल

धर्मशाला-प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष ने अपनी टीम के साथ हमीरपुर के नामी स्कूलों का औचक निरीक्षण किया है।इसमें पाया गया है कि आधा दर्जन के करीब स्कूलों में शिक्षा बोर्ड की किताबों के साथ-साथ अन्य किताबें भी रखी गई हैं, जबकि शिक्षा बोर्ड द्वारा प्राइवेट स्कूलों के लिए बोर्ड द्वारा एनसीईआरटी प्रकाशित किताबों को पढ़ाना ही अनिवार्य किया गया है। ऐसे में अब बोर्ड की किताबें नहीं पढ़ाई, तो संबद्धता भी रद्द कर दी जाएगी। शिक्षा बोर्ड अब संबद्धता वाले सभी प्राइवेट स्कूलों का निरीक्षण करेगा। शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डा. सुरेश कुमार सोनी ने अपनी टीम, जिसमें संयुक्त सचिव चमन लाल भी शामिल रहे, के साथ हमीरपुर के स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान स्कूलों में शिक्षा बोर्ड के अलावा अन्य किताबें पाए जाने पर शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डा. सुरेश कुमार सोनी ने कडे़ निर्देश जारी कर दिए हैं, जिसमें स्कूलों को बोर्ड द्वारा प्रकाशित की गई किताबों को छात्रों के लिए पढ़ाना अनिवार्य होगा। इससे बोर्ड की परीक्षाओं में प्रश्न पत्र जब किताबों से आएगा, तो उसमें छात्रों को परेशानियां न झेलने पड़े। बोर्ड अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि संबद्धता के नियमों के तहत पहली से जमा दो तक बोर्ड की किताबें पढ़ाना अनिवार्य है। शिक्षा बोर्ड द्वारा आगामी समय में भी निजी शिक्षण संस्थानों के औचक निरीक्षण किए जाएंगे। ऐसे में सभी स्कूलों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं, जिन स्कूलों में बोर्ड की किताबें नहीं पाई जाती हैं, उनकी संबद्धता भी रद्द कर दी जाएगी। शिक्षा बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम की पुस्तकें व प्रायोगिक पुस्तकें संबंधित जिला के पुस्तक विक्रय केंद्र, सूचना एवं मार्गदर्शन केंद्र व बोर्ड से पंजीकृत विक्रे्रता से प्राप्त की जा सकती है। शिक्षा बोर्ड की पुस्तकों का मूल्य भी बिलकुल साधारण रखा गया है, जिससे कि अभिभावकों व छात्रों पर अतिरिक्त बोझ न पड़ सकें।

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