भाजपा की हैट्रिक, कांग्रेस क्लीन बोल्ड

शिमला—शिमला संसदीय सीट पर भाजपा ने हैट्रिक मारने कोई कसर नहीं छोड़ी। सोलन, शिमला और सिरमौर जिला के 17 विधानसभा क्षेत्र वाली इस सीट की सियासी पिच पर कांग्रेस एक बार फिर से क्लीन बोल्ड हो गई। पच्छाद विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक सुरेश कश्यप शिमला सीट से सांसद का चुनाव जीत गए हैं। उन्होंनेे सांसद वीरेंद्र कश्यप की जीत को भी बरकरार रखा। भाजपा ने शिमला संसदीय क्षेत्र में अपनी जीत 2009 से लेकर अब तक जारी रखी है। हालांकि 2009 से पहले इस सीट पर  कांग्रेस का ही कब्जा रहा, लेकिन सांसद वीरेंद्र कश्यप ने उस साल खाता खोल दिया था। इस सीट पर कांग्रेस के धनीराम शांडिल और भाजपा के सुरेश कश्यप में मुकाबला हुआ, जो पूरी तरह से एक तरफा दिखाई दिया। हालांकि कांग्रेस इस उम्मीद में थी कि यहां से धनीराम शांडिल की जीत होगी, मगर सुरेश कश्यप की भारी मतों से हुई जीत से कांग्रेस पूरी तरह से चित हो गई। यहां तक कि धनीराम शांडिल पूर्व में सांसद रह चुके हैं। बावजूद इसके पुराना अनुभव कुछ काम नहीं आया।

शिमला सीट पर कब कौन रहे सांसद

वर्ष              सांसद                  दल

1952          टेकचंद                             कांग्रेस

1957          एसएन रमौल           कांग्रेस

1957          वाईएस परमार          कांग्रेस

1957          नेकराम नेगी            कांग्रेस

1962          वीरभद्र सिंह            कांग्रेस

1967          वीरभद्र सिंह            कांग्रेस

1967          प्रताप सिंह              कांग्रेस

1971          प्रताप सिंह              कांग्रेस

1977          बालकराम              लोकदल

1980          केडी सुल्तानपुरी       कांग्रेस

1984          केडी सुल्तानपुरी       कांग्रेस

1989          केडी सुल्तानपुरी       कांग्रेस

1991          केडी सुल्तानपुरी       कांग्रेस

1996          केडी सुल्तानपुरी       कांग्रेस

1998          केडी सुल्तानपुरी       कांग्रेस

1999          धनीराम शांडिल        हिविकां

2004          धनीराम शांडिल        कांग्रेस

2009          वीरेंद्र कश्यप           भाजपा

2014          वीरेंद्र कश्यप           भाजपा

2019          सुरेश कश्यप           भाजपा

यहां हारे, पर बने रहेंगे विधायक

कांग्रेस प्रत्याशी धनीराम शांडिल सांसद का चुनाव हारे, लेकिन सोलन विधानसभा क्षेत्र से विधायक पद पर बने रहेंगे। ऐसे में कांग्रेस और भाजपा के लिए उपचुनाव में कोई नौबत नहीं आएगी। धनीराम शांडिल पूर्व में पहली बार 1999 में लोकसभा का चुनाव जीते थे। उसके बाद 2004 और 2009 के चुनाव में भाजपा के वीरेंद्र कश्यप ने पराजित किया।

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