भाजपा को प्रचंड समर्थन पर अब आशाएं भी आपार

हमीरपुर  – लोकसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने इस बार मिशन रिपीट किया है। वर्ष 2014 की भांति चारों सीटें एक बहुत बड़े मार्जिन के साथ जीतकर पार्टी की झोली में डाली गई हैं। चार संसदीय क्षेत्रों वाले छोटे से हिमाचल में हमीरपुर ऐसा संसदीय क्षेत्र है, जहां ऐतिहासिक जीत के साथ एक नया रिकार्ड  बना है।  तीन लाख 99 हजार 572 मतों से जीतने वाले अनुराग ठाकुर की इस जीत से एक बात तो साफ दिख रही है कि वर्ष 2017 के विधानसभा चुनावों के बाद अपना हश्र देख चुके कुछ परायों ने भी अपनों के साथ कदम मिलाया है। शायद यही कारण रहा कि करीब दो हजार वोटों से घोषित सीएम को हराने वाले सुजानपुर ने भी इस बार 25 हजार की लीड दिलवाई। अनुराग को मिले इस प्रचंड समर्थन के साथ ही हमीरपुर की आशाएं बढ़ना भी स्वभाविक है। एक तरफ आशाएं यहां की आम जनता को हैं, तो दूसरी तरफ पार्टी के उन नेताओं को जो विधानसभा चुनावों के बाद से हमीरपुर के साथ ही हाशिये पर चल रहे थे। इनमें कुछ विधानसभा चुनावों में टिकट के चाहवान थे, लेकिन जब टिकट नहीं मिला तो उन्हें भरोसा था कि जब मुख्यमंत्री हमीरपुर से बनेगा तो सरकार में कोई न कोई पदवी मिल जाएगी, लेकिन नियती को कुछ और ही मंजूर था। फिर भी वे डेढ़ साल साइलेंट होकर पार्टी में काम करते रहे। अब उन्हें अपने भविष्य को लेकर एक नई उम्मीद बंधी हुई नजर आ रही है। उनकी सुई चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के बिलासपुर में दिए उस भाषण पर अटकी हुई है, जहां अनुराग को बड़ा नेता बनाने का वादा किया गया था। अब उन्हें लग रहा है कि चौथी बार जीत दर्ज करने वाले अनुराग किसी बड़े ओहदे पर जाएंगे तो उनकी नैया भी कहीं न कहीं जरूर किनारे लगेगी।

अब बहाना भी नहीं चलेगा

आम जनता का ध्यान यहां रुके विकास कार्यों की ओर जाने लगा है कि अब उन कामों को गति मिलेगी। उन्हें लगने लगा कि अनुराग को केंद्र में कोई बड़ा ओहदा मिला तो जो प्रोजेक्ट शुरू नहीं हो पा रहे हैं, उन पर काम होगा। खासकर रेल अगले पांच सालों में हमीरपुर तक जरूर पहुंच जाएगी। अब कोई बहाना भी नहीं चलेगा कि केंद्र या प्रदेश की सरकार काम में रोड़े अटका रही है, क्योंकि दोनों ही जगह बीजेपी की सरकारें हैं।

समीरपुर में बधाइयां

समीरपुर स्थित पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल के निवास पर शुक्रवार को दिन भर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। पार्टी के नेता समीरपुर पहुंचे और वहां लगी धाम में भोजन भी ग्रहण किया। बधाई देने का यह क्रम देर रात तक जारी रहा।

You might also like