भारत बने सुरक्षा परिषद का स्थाई सदस्य

संयुक्त राष्ट्र में फ्रांस के दूत डेलातरे ने जर्मनी, ब्राजील और जापान के लिए भी की सिफारिश

संयुक्त राष्ट्र –संयुक्त राष्ट्र में फ्रांस के दूत ने कहा कि भारत, जर्मनी, ब्राजील तथा जापान जैसे देशों को समसामयिक वास्तविकताओं को बेहतर ढंग से प्रतिबिंबित करने के लिए उन्हें सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यों के तौर पर शामिल करने की बेहद आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की महत्त्वपूर्ण संस्था में इन प्रमुख सदस्यों को शामिल करना फ्रांस की रणनीतिक प्राथमिकताओं में शामिल है। संयुक्त राष्ट्र में फ्रांस के स्थायी प्रतिनिधि फ्रांसवा डेलातरे ने संवाददाताओं से कहा, फ्रांस एवं जर्मनी की नीति मजबूत है जो सुरक्षा परिषद को विस्तार देने के लिए साथ काम करने और उस बातचीत में सफल होने से जुड़ी है । जिससे सुरक्षा परिषद का दायरा बढ़े, जिसे हम विश्व को जैसा है वैसा ही बेहतर ढंग से दर्शाने के लिए निहायत ही जरूरी मानते हैं। इसको लेकर कोई सवाल नहीं उठता है।

सुरक्षा परिषद को मजबूत करना बताया प्राथमिकता

संयुक्त राष्ट्र में जर्मनी की अध्यक्षता के अंत में संयुक्त राष्ट्र में जर्मनी के दूत क्रिस्टोफ ह्यूसजन के साथ बोलते हुए डेलातरे ने जोर दिया कि फ्रांस मानता है कि, जर्मनी, जापान, भारत, ब्राजील और विशेष रूप से अफ्रीका का उचित प्रतिनिधित्व सुरक्षा परिषद में निष्पक्ष प्रतिनिधित्व की दिशा में अत्यंत आवश्यक है। यह हमारे लिए प्राथमिकता का विषय है। उन्होंने रेखांकित किया कि फ्रांस का मानना है कि कुछ प्रमुख सदस्यों को जोड़ने के साथ सुरक्षा परिषद को बृहत बनाना, हमारी रणनीतिक प्राथमिकताओं में से एक है।

इंडिया के प्रयास बेहतर

भारत संयुक्त राष्ट्र में सुरक्षा परिषद के लंबे समय से लंबित पड़े सुधारों के लिए दवाब देने वाले प्रयासों में सबसे आगे रहा है और इस बात पर जोर देने में भी कि वह संयुक्त राष्ट्र की महत्त्वपूर्ण संस्था में एक स्थायी सदस्य के तौर पर उचित जगह का हकदार है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने पूर्ण अंतरसरकारी वार्ता की अनौपचारिक बैठक में कहा था कि सदस्यता की श्रेणियों के मुद्दे पर कुल 122 में से 113 सदस्य राष्ट्रों ने फ्रेमवर्क डाक्युमेंट में अपनी स्थिति साफ की थी।

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