भुंतर की मार्केट में मटर की दस्तक

भुंतर—मौसमी मार की चोट खाया कुल्लू का हरा मटर धीरे-धीरे सब्जी मंडियों और रसोइयों में ऊंचे दामों संग पहुंचने लगा है। जिला की सबसे बड़ी भुंतर सब्जी मंडी में निचले इलाकों के बाद मध्यम इलाकों का मटर पहुंचने लगा है, तो मार्केट में 30 रुपए तक पहुंचे इसके  दामों ने उत्पादकों को राहत प्रदान की है। निचले और मध्यम इलाकों से मटर की खेफ पहुंच रही है और आने वाले माह में ऊपरी इलाकों का मटर भी मार्केट में पहुंचना तेज हो जाएगा। सब्जी मंडियों में मटर की हरियाली के साथ ही कारोबारियों की चहलकदमी भी तेज होने लगी है। बता दें कि नवंबर से मार्च माह तक प्रतिकूल मौसम ने मटर की फसल को निचले इलाकों में मटियामेट किया है और इसका असर उत्पादन पर दिखाई देने लगा है। सर्दियों में देरी से हुई बारिश के चलते कम फसल की बिजाई हुई है और कम उपज की आशंका है। इससे बाहरी राज्यों के मटर कारोबारी बहुत कम संख्या में पहुंच रहे हैं। हालांकि मध्यम इलाकों में मार्च और अप्रैल में मौसमी राहत के बाद मटर की फसल पटरी पर जरूर लौट आई है। मिली जानकारी के अनुसार भुंतर मंडी में इन दिनों जीया, हुरला, बजौरा, शमशी व स्नोर घाटी सहित बालीचौकी और सराज बैल्ट का मटर पहुंच रहा है तो मणिकर्ण, गड़सा, दियार, खराहल आदि इलाकों से भी खेफ तेजी से पहुंचने लगी है, जो और बढ़ने वाली है। कुल्लू की अखाड़ा मंडी में मौहल, लगवैली, पीज, खराहल और अन्य स्थानों से मटर पहुंच रहा है। इसके अतिरिक्त बंदरोल मंडी में भी कुछ खेफ पहुंच रही है। मंडियों में मिल रहे बेहतर दामों से उत्पादकों के चेहरे पर खुशी झलक रही है। जानकारी के अनुसार भुंतर मंडी में 25 से 30 रुपए प्रति किलो के औसत दाम फसल को मिल रहे हैं तो आने वाले दिनों में यही दाम मिलने की आस है। उधर, कुल्लू जिला की मंडी उपज विपणन समिति के सचिव सुशील गुलेरिया के अनुसार मटर की फसल जिला के निचले इलाकों के बाद मध्यम इलाकोें से भी मंडियों में पहुंच रही है। इनके अनुसार मंडियों में नए सीजन के लिए व्यवस्था भी बना दी गई है।

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