भूकंप से कैसे बचेंगे स्कूल

केंद्र ने शिक्षा विभाग से मांगी सरकारी इमारतों की रिपोर्ट

शिमला – ेसरकारी स्कूलों के भवनों को डिजास्टर मैनेजमेंट की गाइडलाइन के तहत बनाया गया है या नहीं, इस बारे में भारत सरकार को अवगत करवाना होगा। स्कूलों के भवनों को छात्रों की सुरक्षा के मद्देनजर तैयार किया गया है या नहीं, इस पर भी सभी स्कूलों की रिपोर्ट एमएचआरडी को जाएगी। सरकारी स्कूलों में छात्रों को भूकंप जैसी परिस्थितियों में कैसे बचाना है, इसके लिए स्कूलों में किस तरह की व्यवस्था की गई है, इस पर भारत सरकार ने शिक्षा विभाग से जवाब तलब किया है। इसी कड़ी में शिक्षा विभाग ने सभी जिला उपनिदेशकों को आदेश जारी कर यह रिपोर्ट मांगी है। जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग ने इससे पहले भी स्कूलों को इस बारे में आदेश जारी किए थे। इसके लिए दिया गया एक हफ्ते का समय बीत गया है, लेकिन अभी तक स्कूलों के सुरक्षित भवनों की रिपोर्ट नहीं पहुंच पाई है। विभाग ने 30 सितंबर तक की अपडेट मांगी है, ताकि रिपोर्ट को समय पर मानव संसाधन मंत्रालय को भेजा जा सकें। प्रदेश के कई ऐसे सरकारी स्कूल हैं, जिनके भवन काफी पुराने है। ऐसे में प्रदेश में अगर भूकंप जैसी स्थिति उत्पन्न होती है, तो ऐसे में स्कूल की इमारतों के गिरने का खतरा भी हमेशा रहता है। शिक्षा विभाग पहले से ही प्रदेश के सैकड़ों स्कूल भवनों को अनसेफ घोषित कर चुका है। इन अनसेफ  स्कूल भवनों को अब दोबारा तैयार किया जाएगा। एमएचआरडी ने पहले से ही स्कूलों के नए भवनों को बनाने के लिए नई गाइडलाइन तय की है। नई गाइडलाइन के तहत स्कूलों के नए भवनों को नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट की गाइडलाइन के तहत ही बनाना होगा।

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