भोरंज में सड़कों पर खतरनाक सफर

भोरंज —उपमंडल भोरंज के अंतर्गत सड़कों पर ब्लैक स्पॉट और पेड़ दुर्घटनाओं को न्योता देते प्रतीत हो रहे हैं। न तो पीडब्ल्यूडी  इन ब्लैक स्पॉट को मार्क कर रहा और न ही यहां कोई पैरापिट इत्यादि लगाए जा रहे हैं और सड़क के किनारे आम और अन्य पेड़ों के कारण खतरा बना रहता है। कहीं-कहीं सड़क मात्र सात से आठ फीट तक भी है, जिससे हमेशा खतरा बना रहता है। भोरंज के निकट ही सनस्काई होटल से आगे बस्सी की ओर तीखे मोड़ एक गड्डा है, जो ध्यान देने पर ही दिखाई देता है। न तो यहां कोई निशान है न ही कोई चेतावनी बोर्ड और न ही कोई पैरापिट लगा है, जिससे यहां हमेशा खतरा बना रहता है। जब कोई अनहोनी घटना घटती है तभी विभाग जागता है। अभी हाल ही में दो दिन पूर्व फगलोट में एक कार पर आम का पेड़ गिरने से कार पूरी क्षतिग्रस्त हो गई। गनीमत यह रही कि घटना रात के समय घटित हुई, यदि दिन को ऐसी कोई घटना होती, तो नुकसान के साथ जान-माल का नुकसान भी होता, जिसकी जिम्मेदारी किसकी होती। उपमंडल भोरंज के नगरोटा, भरेड़ी, गरसाहड़, ककड़, चंदरूही इत्यादि में दर्जनों पेड़ खतरा बने हुए हैं, लेकिन कोई इन पेड़ों का हल नहीं कर रहा है। लोगों में बलबीर, संदीप, यशवंत भारद्वाज, सुनील, संजय, कविता, सुषमा, राजीव, महेंद्र, राजेश इत्यादि ने विभाग से इन ब्लैक स्पॉट पर पैरापिट लगाने और सड़क के किनारे हादसे को न्योता देते पेड़ों को कटवाने की मांग की है। इस संदर्भ मंे पीडब्ल्यूडी भोरंज के एक्सईएन अमर सिंह भाटिया का कहना है कि कुछ ब्लैक स्पॉट पर पैरापिट लगवा दिए हैं, बाकी को शीघ्र चिंहित करवाकर पैराफिट लगवा दिए जाएंगे। रही बात पेड़ांे की तो ये पेड़ वन विभाग के अधीन आते हैं। वह ही इस बारे कार्रवाई करेगा।

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