मंडी में चीड़ की पत्तियों से ईंधन

कुन्नू में प्रदेश का पहला कारखाना स्थापित, बड़ी पहल

शिमला –  चीड़ की पत्तियों से ईंधन बनाने का पहला कारखाना स्थापित कर लिया है। जिला मंडी के कुन्नू में प्रेम सिंह ने पहली यूनिट स्थापित कर जंगल को आग से बचाने की राह दिखाई है। साथ ही उन्होंने ईंधन बेच कर उत्पादकों को आर्थिकी कमाने का भी संदेश दिया है। इस पहल की शुरुआत अतिरिक्त मुख्य सचिव (वन) रामसुभग सिंह के अथक प्रयास से हुई है। उन्होंने मंडी के कुन्नू में चीड़ की पत्तियों का पहला इर्ंधन कारखाना स्थापित करने का प्रस्ताव राज्य सरकार के पास रखा था, जिसे चुनावी आचार संहिता से पहले मंजूरी मिल गई। दं्रग विधानसभा क्षेत्र के तहत कुन्नू के प्रेम सिंह यादव सहित प्रदेश के 25 लोगों ने प्रदेश में ऐसे लघु उद्योग स्थापित करने के लिए वन विभाग के पास आवेदन किया था, जिसमें से पहले चरण में प्रेम सिंह यादव ने 12 लाख का पहला प्रोजेक्ट स्थापित कर दिया, जिसमें प्रदेश सरकार प्रेम सिंह यादव को 50 प्रतिशत सबसिडी भी देगी। वन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक प्रदेश सरकार ने पिछले साल पाइन नीडल पॉलिसी बनाई थी, जिसमें प्रदेश के जंगलों को आग लगने से बचाने के लिए चीड़ की पत्तियों का बेहतर दोहन किया जाएगा। बताया गया कि चीड़ की पत्तियों से तैयार होने वाले ईंधन के लिए वन विभाग स्वयं पत्तियां एकत्रित करेगा और कारखाने तक पहुंचा कर भी देगा, जहां पर ब्रिकेट्स तैयार किए जाएंगे। वन विभाग से मिली जानाकरी के मुताबिक ये ब्रिकेट्स कोयले के बराबर काम करती है।  ऐसे में अब लोकसभा चुनावी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अन्य यूनिट भी शुरू होंगी। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में 25 यूनिट स्थापित की जाएगी, जिसमें 23 वन विभाग और दो यूनिट्स वन विकास निगम के अधीन होंगी, जो निजी क्षेत्र में चलाई जानी हैं।

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