मंडी लोकसभा सीट पर कांग्रेस तथा भाजपा के बीच कांटे की टक्कर

शिमला – हिमाचल की मंडी लोकसभा सीट पर परंपरागत भारतीय जनता पार्टी तथा कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर है। 
पिछली बार लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी रामस्वरूप शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह को हराया था । प्रदेश को पहली बार मुख्यमंत्री देने वाले मंडी संसदीय क्षेत्र में खुद मुख्यमंत्री जयराम की प्रतिष्ठा दांव पर है और वो पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के लिये दिन-रात एक किए हुए हैं। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी आश्रय शर्मा के सामने अपने दादा पंडित सुखराम तथा अपने पिता एवं भाजपा के विधायक अनिल शर्मा की विरासत को बचाने की दोहरी चुनौती है। पहले तो उनको खुद को साबित करना सबसे बड़ी चुनौती है । मंडी संसदीय सीट से सबसे अधिक 17 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। ज्ञातव्य है कि भाजपा सरकार में ऊर्जा मंत्री रहे अनिल शर्मा के बेटे आश्रय शर्मा को कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी बनाया है। जबकि भाजपा ने सांसद रामस्वरूप शर्मा पर एक बार फिर भरोसा जताया है। आश्रय शर्मा पूर्व संचार मंत्री और राजनीति के चाणक्य पंडित सुखराम के पौत्र भी है। जिस दिन से बेटे और दादा कांग्रेस में शामिल हुये हैं ,उसके बाद श्री अनिल शर्मा को मंत्रिपद से इस्तीफा देना पड़ा तथा भाजपा के दबाव के कारण वो बेटे के लिये प्रचार नहीं कर पा रहे। फिलहाल कांग्रेस प्रत्याशी आश्रय शर्मा के पिता व मंत्री अनिल शर्मा बेटे के चुनाव प्रचार से दूरी बनाए हुए हैं। लेकिन उनकी पत्नी सुनीता बेटे के चुनाव प्रचार के लिए मैदान में उतर गईं हैं। वे कम आती हैं लेकिन अकसर अपने बेटे के चुनाव प्रचार में दिख जाती हैं। प्रधानमंत्री मोदी की मंडी रैली भी भाजपा के लिए वरदान साबित हो रही है। इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई दिग्गज इन दिनों मंडी में चुनाव प्रचार के लिए आने वाले है। श्री जयराम ठाकुर ने सुखराम को लेकर कहा था कि वह आया राम गया राम की राजनीति करते रहे हैं, उन्हें सिर्फ अपने परिवार की चिंता है जबकि भाजपा को प्रदेश की। उसके बाद स्थिति बदली है । जहां तक वर्ष 2014 लोकसभा चुनाव की बात करे मंडी संसदीय सीट से भाजपा के रामस्वरूप शर्मा को 362824 और कांग्रेस की प्रतिभा सिंह को 322968 वोट मिले थे। अब अनिल शर्मा और भाजपा की इस कशमकश में देखना है कि दोनों ही कब तक सब्र बनाए रख पाते हैं और कौन किसको छोड़ने में पहल करता है। यह भविष्य के गर्व में है। मुख्य चुनाव अधिकारी देवेश कुमार के मुताबिक हिमाचल में आगामी 19 मई को होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए 1,52,390 मतदाता पहली बार अपने मत का प्रयोग करेंगे। जिनमें से 82,500 पुरुष व 69,880 महिला व 10 थर्ड जेंडर मतदाता है। जो प्रदेश में 45 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेगें। वहीं मंडी में 2079 पोलिंग स्टेशन स्थापित किए गए है। 

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