मंत्री पद छोड़ने की तैयारी में रावत!

उत्तराखंड के फॉरेस्ट मिनिस्टर ने प्रमुख सचिव को पत्र लिख जाहिर की नाराजगी

देहरादून – पीसीसीएफ जयराज की विदेश यात्रा से उत्तराखंड में नई सियासत शुरू हो गई है। वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने इस मामले में प्रमुख सचिव कार्मिक को पत्र भेजकर नाराजगी जताई है। पत्र में डा. हरक ने साफ लिखा है कि विभागाध्यक्षों की विदेश यात्रा की अनुमति के लिए फाइल सीधे मुख्यमंत्री को भेजकर सूबे में गलत परंपरा शुरू की जा रही है। उन्होंने लिखा कि कार्मिक विभाग को पीसीसीएफ जयराज के विदेश दौरे की फाइल पहले उनके पास भेजनी चाहिए थी। जहां से वह सीएम के पास जाती, पर कार्मिक ने सीधे तौर पर उनको बाइपास किया। यह रूल ऑफ बिजनेस के खिलाफ है। वन मंत्री ने कहा कि प्रदेश में जंगल धधक रहे हैं और पीसीसीएफ जयराज को बिना उनसे पूछे विदेश यात्रा के लिए अनुमति दे दी गई, यह गलत है। उन्होंने पिछले साल भी पीसीसीएफ की विदेश यात्रा पर सवाल उठाए थे। इसके अलावा उन्होंने पिछले साल श्रमायुक्त आनंद श्रीवास्तव के भी उनकी अनुमति के बिना विदेश जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने विभागों के अध्यक्षों की यात्रा की अनुमति की फाइल उनके पास भेजने की हिदायत दी।

अनदेखी से घबराने वाला नहीं

वन मंत्री डा. हरक सिंह का दो साल से दबा दर्द आखिर बुधवार को लावे की तरह फूट पड़ा। उन्होंने साफ कहा कि अगर कहीं मुझे कमजोर करने की साजिश चल रही है तो ये उन लोगों की गलतफहमी है। मुझे कोई नेता या अफसर कमजोर नहीं कर सकता। बकौल हरक-मुझे मंत्री पद का कोई लालच नहीं है। मैं मंत्री पद छोड़ दूंगा।

सिर्फ जनता का आशीर्वाद चाहिए

डा. हरक ने कहा कि मुझे सिर्फ जनता का आशीर्वाद चाहिए। पीसीसीएफ के बिना अनुमति विदेश यात्रा,बिना पूछे आईएफएस के तबादले, बिना जानकारी के एडीएम को आयुर्वेद विवि का कुलसचिव बनाने समेत तमाम बातों से अंदरखाने नाराज हरक सिंह अब खुलकर सामने आ गए हैं। हरक ने कहा कि जिसने मुझे कमजोर करने की कोशिश की वह खुद धराशायी हो गया। जब मैंने कांग्रेस की सरकार गिराई थी तो तत्कालीन सीएम हरीश रावत ने कहा था कि वे मुझे चुनाव नहीं जीतने देंगे, लेकिन मैंने जीतकर दिखाया।

You might also like