मकलोडगंज के जंगलों में मकानों का मलबा

मकलोडगंज—पर्यटन नगरी धर्मशाला के मकलोडगंज के जंगलों में मलबे के ढेरों ने बड़ी तबाही मचाई हुई है। इससे वन संपदा को नुकसान पहुंचने के साथ ही खूबसूरत वादियों को निहारने के लिए पहुंचने वाले पर्यटक भी निराश नजर आ रहे हैं। मकलोडगंज की वादियों में निर्माण कार्य का मलबा बिना रोक-टोक ही फेंका जा रहा है  जबकि अब तक वन विभाग कोई भी कार्रवाई नहीं कर पा रहा है।मकलोडगंज में वनभूमि पर जमीन का मलबा गिराने से लोग बाज नहीं आ रहे हैं। क्षेत्र मंे वन विभाग की भूमि की हालत इस कद्र बिगड़ चुकी है कि कोई भी अपनी निजी जरूरत को पूरा करने के लिए आए दिनों जंगलों में जमीन का मलबा गिराकर वनभूमि को बर्बाद करने की होड़ में लगा हुआ है। यही नहीं, हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि सड़क के साथ वन विभाग ने जो जंगलों को सुरक्षित रखने के लिए फैसिंग लगा रखी है, उसको भी काफी हद तक नुकसान पहंुचाया गया हैं। आए दिन जंगलों को इस कद्र हानि पहंुचाने वाले प्रकृति को तबाह करने में जरा भी गुरेज नहीं कर रहे हैं। इसका खामियाजा वन संपदा को भुगतना पड़ रहा हैं। यही नहीं मकलोडगंज के साथ लगते पोटाला मार्ग के ठीक साथ वनभूमि पर अनाधिकृत तौर से कुछ लोगों ने कमाई के चक्कर में ढाबा व सब्जी की दुकान खोलकर सड़क की चौढ़ाई को कम कर दिया है। इतना ही नहीं, सड़कों के किनारे रेत-बजरी व ईंटों के ढेर भी बेतरतीब तरीके से देखने को मिल रहे हैं, अगर इस पर वन विभाग की कार्रवाई की बात करें, तो ऐसा लगता है कि कोई बड़ा हादसा होने के बाद ही विभाग की नींद खुलेगी।

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