मकलोडगंज में ट्रैफिक जाम…पर्यटकों का ‘अपमान’

देश भर से पहुंच रहे पयर्टक; पार्किंग न मिलने से झेलनी पड़ रहीं दिक्कतें, प्रशासन व पुलिस का नहीं कोई प्लान, व्यवस्था धड़ाम 

मकलोडगंज—देश भर से धौलाधार की वादियों में बसी पर्यटन एवं बौद्ध नगरी धर्मशाला-मकलोडगंज में ठंडी फिजाओं में घूमने-फिरने आए पर्यटकों के लिए स्मार्ट सिटी काले पानी की सजा बन गई। पर्यटक प्रचंड गर्मी से बचने के लिए ठंडे पहाड़ों की तरफ आए हैं, लेकिन कई घंटों तक ट्रैफिक जाम में फंसने के कारण पर्यटक पर्यटन स्थलों तक ही नहीं पहुंच पाए। इतना ही नहीं, पार्किंग न मिलने के कारण अपने होटलों के कमरों तक भी नहीं पहुंच पाए, जिसके कारण कई पर्यटकों को मायूस होकर वापस लौटने के लिए मजबूर होना पड़ा। निजी कंपनी की अपनी मनमानी के कारण बंद किए गए बस स्टैंड और दो मंजिला पार्किंग के कारण व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। मकलोडगंज का ट्रैफिक जाम खड़ा डंडा मार्ग तक पहुंच रहा है। बावजूद इसके प्रशासन व पुलिस की लापरवाही भी बड़ी समस्या पैदा कर रही है। ऐसे में देश-विदेश से पहुंचने वाले पर्यटकों को घूमने-फिरने का आनंद लेने की बजाय ट्रैफिक जाम से अपनी गाड़ी को निकालने और अपने वाहन को पार्किंग ढूढ़ने में ही समय व्यर्थ हो जा रहा है। इसमें सबसे बड़ी समस्या यह भी सामने आ रही है कि होटलों के पास भी उचित पार्किंग की व्यवस्था उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण पर्यटकों को अपने रिस्क पर ही वाहन पार्किंग खोजने पड़ रही है। पर्यटन सीजन के वीकेंड में आम दिनों के मुकाबले दस गुणा से भी अधिक पर्यटक मकलोडगंज में पहुंचे हुए हैं। ऐसे में बंद चल रहे बस स्टैंड और दो मंजिला पार्किंग से बहुत अधिक प्रभाव बौद्ध नगरी में देखने को मिल रहा है। शनिवार और रविवार को आने वाले वाहनों के सैलाब को मकलोडगंज नहीं संभाल पाया है, जिसके कारण लंबे ट्रैफिक जाम सहित आधे-अधुरे रास्ते में ही बसों से रुकने के लिए पर्यटकों को मजबूर होना पड़ रहा है। वहीं, प्रशासन व पुलिस द्वारा उचित ट्रैफिक प्लान नहीं बनाने से अधिक परेशानियां स्थानीय लोगों सहित पर्यटकों को झेलनी पड़ रही हैं। निजी कंपनी के मालिक की मनमर्जी भी कोई एक्शन नहीं किया जा रहा है। बस स्टैंड मैनेजमेंट अथारिटी द्वारा मात्र बसों से शुल्क न वसूलने का नोटिस जारी किया गया है।  उधर, आरएम एचआरटीसी पकंज चड्डा ने बताया कि निजी कंपनी द्वारा मनमानी की जा रही है, जिससे पर्यटकों को भी परेशानियां झेलनी पड़ रही है।

अब नाममात्र पार्किंग के सहारे मकलोडगंज

धर्मगुरु दलाईलामा की बौद्ध नगरी में ठप पार्किंग व्यवस्था से असुविधाओं की मार बाहरी राज्यों के पयर्टकों को बखूबी झेलनी पड़ रही हैं। देश भर से परिवार सहित पयर्टन नगरी की आबोहवा से रूबरू होने आ रहें लोग अतिथि देवो भवः के नाम पर खुद को बेबस व लाचार महसूस कर रहें हैं। मकलोडगंज की वास्तविकता की बात करें, तो यहां पर पयर्टन सीजन अपनी उमंग पर हैं। लेकिन सुविधाओं की दरकार होने से पयर्टन क्षेत्र की गरिमा को ठेस पहंुच रही हैं। मकलोडगंज में पयर्टकों के निजी वाहनों की पार्किंग की बात करें तो मौजूदा स्थिति मंे क्लब हाउस, दलाईलामा चौक व भागसूनाग की पार्किंग भी सैकड़ों बड़े एवं छोटे वाहनो के खड़े होने हेतु छोटी पड़ गई हैं। जबकि बंद पड़ी पार्किगं में 200 के करीब छोटे-बड़े वाहन व 30 से 35 वोल्वो बसें आसानी से आ सकती हैं।  

भागसूनाग से नहीं जुड़ पाया इंद्र्रुनाग

मकलोडगंज व भागसूनाग से इंद्रुनाग-चोहला सड़क मार्ग का निर्माण करवाया जा रहा है, लेकिन पिछले एक पांच वर्षों से भी अधिक समय से सड़क निर्माण कार्य अधर में ही लटका हुआ है। भागसूनाग-इंद्रुनाग के सड़क मार्ग से जुड़ जाने से ट्रैफिक जाम की समस्या से बड़ी निजात पर्यटकों को मिल सकती है। लेकिन सरकार, प्रशासन और लोक निर्माण विभाग का सुस्त रवैया पर्यटन नगरी के सबसे बड़े व्यवसयाय को असहाय बनाने में जुटा हुआ है। धर्मशाला के खनियारा खड़ौता व थातरी पर्यटक स्थलों में अधिक पर्यटकों की भीड़ न होने के कारण पर्यटन आराम से ठंडी फिजाओं में घूमने का आंनद ले रहे हैं। उक्त स्थलों में बड़े-बड़े भवनों में अतिक्रमण कर हवों-हवा को गर्म नहीं किया है, जिससे पर्यटक घंटों ठंडी फिजाओं में बैठकर प्रचंड गर्मी से निजात पा रहे हैं।

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