मकलोडगंज में रो रहे सैलानी

मकलोडगंज—पर्यटन एवं बौद्ध नगरी मकलोडगंज का बस स्टैंड व दो मंजिला पार्किंग बाहरी राज्यों से पयर्टकों के लिए आफत बनकर रह गई है। मकलोडगंज में कार पार्किंग एवं बस अड्डे को बंद हुए मंगलवार को पूरे पांच दिन बीत गए हैं, लेकिन इस समस्या का समाधान होते हुए नजर नहीं आ रहा है। लिहाजा बंद पड़ी इस कार पार्किंग का खामियाजा बाहरी राज्यों के पयर्टकों को भुगतना पड़ रहा है। इस बार हालांकि पयर्टन सीजन देरी से आरंभ हुआ है, लेकिन बाहरी पयर्टकों की सुविधा हेतु मौजूद इस बंद पड़ी कार पार्किंग ने बाहरी राज्यों से आने वाले सैलानियों को जोखिम झेलने के लिए मजबूर कर दिया है। बाहरी पयर्टन क्षेत्रों से करीब दस घंटे का सफर तय करके मकलोडगंज मंे कुछ दिनों तक आराम फरमान आ रहे हैं। पयर्टकों का क्षेत्र मंे लग रहे वाहनों के जाम के चलते उनका होटलों मंे समय पर चैक इन नहीं हो पा रहा है।  मकलोडगंज से लेकर सेंट जॉन चर्च तक सड़क के किनारे वाहन लावारिस स्थिति में खड़े करने पड़ रहें हैं। पयर्टन नगरी में कार पार्किंग के संदर्भ में जब में एचआरटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक पंकज चड्डा से बात की तो उन्होंने कहा बस स्टैंड मैनेजमेंट अथारिटी कार्यालय शिमला से संबंधित कंपनियों कोे फरमान आए हैं कि जब तक बस अड्डे का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो जाता तब तक कंपनी पार्किंग से फीस वसूली नहीं कर सकती।

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