मतेलनी रोड कराएगा बवाल

खड्ड पर पुल बनाने का कार्य भी नहीं हुआ पूरा, अब ग्रामीणों ने दी आंदोलन की धमकी

रामपुर बुशहर -जीवन रेखा कही जाने वाली सड़क सुविधा से अभी भी दरशाल मतेलनी क्षेत्र पिछड़ा हुआ है। आलम ये है कि तीन वर्ष से मात्र पांच किमी सड़क नहीं बन पाई है। जबकि इस सड़क को निकालने में न तो कहीं ढांक है और न ही कोई ऐसी समस्या है जिससे इस सड़क का निर्माण कार्य लटक जाए। ऐसे में साफ तौर से संबंधित सड़क को निकालने वाले ठेकेदार की सुस्ती से सैकड़ों ग्रामीण परेशान हो रहे है। ग्रामीणों का कहना है कि मुख्य सड़क से मात्र एक किमी बाद खड्ड में पुल लगना प्रस्तावित है। जबकि खड्ड के दूसरी और भी सड़क बनी है लेकिन उस सड़क का ग्रामीणों को कोई फायदा नहीं हो पा रहा है। जब तक खड्ड में पुल नहीं बनेगा तब तक खड्ड के दूसरी और कोई भी वाहन नहीं जा सकता। ऐसे में ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार को जल्द से जल्द पुल तो लगाया चाहिए। लेकिन ठेकेदार एक वर्ष से ग्रामीणों को लटका रहा है कि जल्द पुल बन जाएगा। लेकिन इस सड़क की सुध न तो ठेकेदार ले रहा है और न ही लोक निर्माण विभाग। ऐसे में मात्र पांच किमी सड़क को निकालने में विभाग को तीन वर्ष से ज्यादा लग गया है। अगर अब भी ठेकेदार काम की रफ्तार को बढ़ाता है तब भी छह से आठ माह से अधिक समय इस सड़क को पूरी से दुरुस्त करने में लग जाएगा। ऐसे में ग्रामीणों को सब्र अब जबाव देने लगा है। बुधवार को सड़क निर्माण में हो रही देरी को लेकर दरशाल मतेलनी क्षेत्र के ग्रामीण चंपा बिष्ट, जोगिंद्र, कौलराम, रामलाल, भगवानदास, विशेषरलाल, लोभाराम, टिकम सिंह मांटा, आरके कश्यप, मांेटी, टीना मांटा, नर्मदा ने कहा कि अगर अब भी विभाग का रवैया ऐसा ही ढुलमूल रहा तो वह विभाग के कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ जाएंगें। ये धरना तब तक जारी रहेगा जब तक इस सड़क पर पुल सहित अन्य कार्य पूरा नहीं हो जाते।

कुर्सी पर उठाकर अस्पताल पहुंचाने पड़ते हैं मरीज

दरशाल मतेलनी क्षेत्र मुख्य सड़क से बिल्कुल सामने दिखता है लेकिन यहां तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को पांच से छह किमी पैदल चलना पड़ता है। ऐसे में यहां जब भी कोई ग्रामीण बीमार पड़ता है तो उसे कुर्सी पर बिठाकर अस्पताल पहुंचाया जाता है। वहीं तपती दोपहर में इस क्षेत्र के बच्चों को स्कूल आना जाना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि हमारा दर्द कोई महसूस नहीं कर रहा है।

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